मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए रविवार को भी ब्लाकों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन फार्म लेने वाले उम्मीदवारों से अदेय प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली जारी रही।
इससे नाराज लोगों ने द्वय ब्लाकों में हंगामा किया। मामला गंभीर होने पर अवैध वसूली करने वाले फरार हो गए, लेकिन घंटे भर बाद दोबारा वसूली शुरू कर दी गई। वसूली को लेकर लोगों में नाराजगी है, ऐसे में कभी भी यह मामला बढ़ सकता है।
राबर्ट्सगंज ब्लाक के मुख्य द्वार पर दोपहर करीब एक बजे कुछ लोगों ने अदेय प्रमाण पत्र के नाम पर ढाई सौ रुपये वसुली किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर वसूली करने वाले फरार हो गए। सुरक्षा के व्यवस्था के मद्देनजर तैनात एक दरोगा ने नाराज लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया।
इसी तरह नगवां ब्लाक में भी लोगों ने वसूली का खुल कर विरोध किया, फिर भी ब्लाक पर संबंधित अधिकारी मौन धारण किए रहे। विरोध करने वालों का कहना था कि सीडीओ के मना करने के बाद भी धड़ल्ले से कुछ कर्मचारी अदेय प्रमाण पत्र के नाम पर सौ से ढाई सौ रुपये वसूल रहे हैं।
वसूली किसके इशारे पर की जा रही है। इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि जो प्रत्याशी वसूली का विरोध कर रहे हैं, उनसे रुपये नहीं लिया जा रहा है।
बाकी लोगों से वसूली की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध वसूली किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं भाजपा नेता धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सीडीओ के मना करने के बाद भी कर्मचारी अदेय प्रमाण पत्र के नाम अवैध वसूली कर जनता का शोषण कर रहे हैं।
कहा कि अदेय प्रमाण पत्र के नाम हो रही वसूली अविलंब बंद नहीं की गई तो पार्टी जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी।