नगर में स्थित निजी कंपनी में कार्य करने वाले 36 कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें बगैर किसी पूर्व अल्टीमेटम के हटा दिया है।
भूख हड़ताल पर बैठे निजी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से बदली कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने बगैर किसी कारण के कोई अल्टीमेटम दिये बिना उन्हें हटा दिया। कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सिंह का कहना है कि कर्मचारियों के साथ प्रबंधन गलत कर रहा है। श्रमिकों ने उपश्रमायुक्त के कार्यालय में भी जाकर अपनी अर्जी दी थी लेकिन कोई सुनवाई न होने के नाते उन्हें विवश होकर भूख हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे, सपा के जिला सचिव अमरेंद्र सिंह, मोटर यूनियन के अध्यक्ष रानू सिंह ने भी कर्मचारियों को समर्थन किया। कहा कि उन्हें बहाल नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कंपनी के मानव संसाधन प्रमुख अरूण कुमार से बात नहीं हो सकी। अनशन पर युनूस अंसारी, सुरेश राम, कृष्णा प्रसाद, ओमप्रकाश गुप्ता, शशिकांत द्विवेदी, जसबीर सिंह, सुरेश प्रसाद यादव बैठे रहे।