जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हुई एएनएम की भर्ती में एक अभ्यर्थी ने धांधली का आरोप लगाया है। डीएम को पत्र सौंपकर जांच कराने की मांग की है।
शुक्रवार को मिर्जापुर निवासी नीलम पटेल ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह ओबीसी वर्ग से आती है। इस वर्ग की कटऑफ के अनुसार उसका चयन ओबीसी की सूची में तीसरे स्थान पर होना चाहिए था। उसका प्रतिशत 63.09 होने के बावजूद उसे जनरल श्रेणी की प्रतीक्षारत सूची में पांचवें स्थान पर रखा गया है, जबकि ओबीसी वर्ग में ही 61.33 वाले अभ्यर्थी का चयन किया गया है। आरोप यह भी है कि फार्म के सत्यापन के दौरान भी उसके जाति प्रमाण पत्र को मान्य किया गया था, मगर अब अनियमितता बरतते हुए उसको चयन से वंचित कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र पुराने होने से उसे निर्देशों के तहत अमान्य किया गया जिससे अभ्यर्थी को संबंधित श्रेणी का लाभ नहीं मिलना है। बताते चलें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पिछले कुछ वर्ष में हुई भर्तियों और भुगतान के मामले में लोग अब दबी जुबान आवाज भी उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भुगतान में बड़ा खेल चल रहा है।