एनसीएल मुख्यालय सिंगरौली में प्रदर्शन करते अधिकारी।
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शक्तिनगर। कोल इंडिया पे-रीविजन के विरोध में एनसीएल के अधिकारी बुधवार शाम सड़क पर उतर गए। एकजुट अधिकारियों ने एनसीएल मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी के साथ पुतला दहन किया। आरोप था कि कोल इंडिया में हुए पे-रीविजन (वेतन संशोधन) के बाद उनकी सेलरी मूल वेतन से भी कम हो गई।
अफसरों ने कहा कि दुनिया में शायद ही ऐसा कोई वेतन समझौता हुआ हो, जिसके बाद अधिकारियों को हाथ में मिलने वाली तनख्वाह उनके मूल वेतन से कम हुई हो। उनका कहना था कि बदले हालात में अधिकारियों का वेतन, कर्मचारियों के वेतन से कम हो गया है। भारत सरकार की महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिकारियों के हुए अन्याय के खिलाफ उन्हें सड़क पर उतरने को बाध्य होना पड़ा है।
कोल इंडिया एवं सिंगरौली कोलियरी कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के कुल 20 हजार से अधिक अधिकारियों में से 1700 अधिकारी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में पदस्थ हैं और हाल ही में लागू तीसरे वेतन समझौते (थर्ड पीआरसी) के पश्चात उनमें रोष बढ़ गया है।
बुधवार शाम एनसीएल के सभी कोयला क्षेत्रों एवं इकाइयों से इन अधिकारियों का दल एनसीएल मुख्यालय पहुंचा और प्रदर्शन के साथ ही पुतला दहन और भाषण किया अगुवाई कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन (सीएमओएआई) के अध्यक्ष तारकेश्वर प्रसाद व महासचिव सर्वेश सिंह ने किया। सीएमओएआई के पदाधिकारियों अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।