भीषण गर्मी ने अप्रैल में बिजली खपत के सारे अनुमान ध्वस्त कर दिए हैं। मंगलवार की रात सवा आठ बजे के पीक ऑवर लगभग बिजली की मांग 28655 मेगावाट पहुंच गई।
इससे पहले सोमवार की रात सवा इसी वक्त अधिकतम मांग 28399 मेगावाट दर्ज की गई थी। महज 48 घंटे के भीतर जहां अधिकतम बिजली खपत के दो नए रिकाॅर्ड बने। वहीं रविवार से मंगलवार के बीच बिजली खपत और मांग में 961 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार मांग में उछाल को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल की तरफ से जहां 700 मेगावाट से अधिक की आपात कटौती का सहारा लेना पड़ा। वहीं महंगी बिजली खरीदकर हालात संभाले गए।
पिछले वर्ष 21 अप्रैल को अप्रैल माह के इतिहास में सर्वाधिक बिजली मांग (27037 मेगावाट) रिकाॅर्ड की गई। इस वर्ष 21 अप्रैल को 27272 मेगावाट बिजली खपत के साथ नया रिकाॅर्ड बन गया लेकिन यह रिकार्ड छह दिन भी नहीं टिक पाया। 26 अप्रैल की रात पीक ऑवर में 27694 मेगावाट के साथ अप्रैल में सर्वाधिक बिजली खपत का एक नया रिकार्ड दर्ज हुआ।
इस रिकार्ड को बने 24 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि 27 अप्रैल की रात 28399 मेगावाट पर पहुंची पीक ऑवर की मांग ने सारे अनुमान पीछे छोड़ दिए।
इसके चलते पावर सेक्टर में बनी बेचैनी की स्थिति अभी थम भी नहीं पाई थी कि 28 अप्रैल की रात एक नया रिकार्ड बन गया। बता दें कि पिछले वर्ष यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की पुनरीक्षित रिपोर्ट में अप्रैल में पीक ऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 27800 मेगावाट के आस-पास रहने की संभावना जताई गई थी।