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Sonebhadra News: अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से बेखबर थे घर वाले

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सोनभद्र। मौत के मुसाफिर नाम से ह्वाट्सएप स्टेटस लगाने वाले अली रजवी के खतरनाक मंसूबों से घरवालों ने बेखबर होने का दावा किया है। उनका कहना है कि वह कुछ वर्ष पहले मजदूरी के लिए मुंबई गया था। माना जा रहा है कि उसी दौरान वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया होगा।
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सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के खैराही गांव निवासी अली रजवी को हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या और शरिया कानून लागू करने की साजिश रचने वालों के साथ एटीएस ने गिरफ्तार किया है। मां नजीमुन निशा ने बताया कि वह पिछले रमजान में घर आया था। उसी दौरान वह सड़क हादसे में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके कारण एटीएस के हत्थे चढ़ने तक वह घर में ही था। मां ने बताया कि कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। ऐसे में उनका बेटा इस तरह के कदम उठा लेगा? यह समझ में नहीं आ रहा।

पढ़ाई में नहीं कुछ कर पाया तो पकड़ी मुंबई की राह :
मां के मुताबिक सफील सलमानी उर्फ अली रजवी पढ़ाई में कुछ खास नहीं कर पाया। इंटर में ही फेल होने के बाद उसने घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मजदूरी करने लगा। इसके बाद वह मुंबई चला गया। आसपास के लोग भी एटीएस के खुलासे से आश्चर्य में हैं। परिचितों का कहना था कि वह दूसरों से खास मतलब नहीं रखता था। घर में ज्यादा रहता था।
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एटीएस का दावा : पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित था रजवी
उधर, एटीएस की तरफ से दावा सामने आया है कि पकड़े गए अली रजवी सहित अन्य आरोपी चरमपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित थे। संगठनों के क्रिया कलापों की जानकारी लेकर मुजाहिदीन आर्मी बनाने लगे हुए थे। उनकी मंशा चुी हुई सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू करना चाहते थे। इसके लिए उनकी ओर से ऑडियो चैट-वीडियो के जरिए जहां लोगों को उकसाया जा रहा था। वहीं गैर मुस्लिम धर्मगुरुओं के हत्या की योजना बनाई जा रही थी। इसे अंजाम देने के लिए समान विचारधारा वालों से धन एकत्रित किए जाने का भी प्रयास जारी था।
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