वैशाख मास शुक्ल पक्ष के मंगलवार को अक्षय तृतीया पर लोगों ने जमकर जेवरों की खरीददारी की। शादी विवाह से लेकर कई शुभ कार्य भी संपन्न हुए।
मान्यता है कि इस दिन जो भी जेवर अथवा कोई वस्तु खरीदी जाती है वह संचित रहती है। कहा जाता है कि आज के दिन भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है।
यहीं वजह रही कि सुबह से लेकर देर शाम तक जेवर के दूकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटी रही।अक्षय तृतीया पर अधिकांश लोग अपना हर शुभ कार्य करना चाहते हैं।
यह मान्यता है कि इस दिन किया गया कार्य अक्षय रहता है। यहीं वजह है कि अक्षय तृतीया पर बेटी की शादी-विवाह, कन्या दान, पुरोहितों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा और उपहार स्वरूप सामान देने
जैसे अनेकों शुभ कार्यों का शुभारंभ हुआ। राबर्ट्सगंज के जेवर की दूकानों पर सुबह से ही खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ रही। उधर, अनपरा, शक्तिनगर, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर, घोरावल, शाहगंज, रामगढ़, वैनी, करमा प्रतिनिधियों के मुताबिक अक्षय तृतीया पर लोगों ने खरीदारी की।
पुरोहित डा. कृष्णानंद त्रिपाठी के मुताबिक अक्षय तृतीया के दिन जो भी वस्तु संचित की जाती है वह अक्षय रहती है अर्थात वह नष्ट नहीं होती। उनके मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन-अर्चन करना चाहिए। ऐसा करने से कभी भी धन-संपदा की कमी नहीं रहती।