विश्व एड्स दिवस मंगलवार को जिले भर में मनाया गया। जगह-जगह जागरूकता रैलियां निकाली गईं। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक और गोष्ठी के जरिए लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग ने भी विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ नगर में जुलूस निकाला।
मंगलवार की सुबह करीब दस बजे सीएमओ कार्यालय से जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आरबी गौतम ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली उरमौरा गांव में स्थित विंध्य कन्या महाविद्यालय में पहुंचकर सभा में बदल गई।
यहां डा. गौतम ने कहा कि जानकारी ही बचाव है। अधिक से अधिक लेागों में जागरूकता लाने की जरूरत है। कहा टीबी रोगियों की एचआईवी जांच मुफ्त की जाती है।
एचआईवी से ग्रस्त रोगी का उपचार भी अन्य रोगियों की तरह किया जाता है। इसके बाद युवाओं में वर्तमान परिदृश्य में एचआईवी एड्स की जानकारी कितना जरूरी है विषय पर छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसमें विंध्य कन्या महाविद्यालय, राजकीय कन्या महाविद्यालय, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, साईं नर्सिंग प्रशिक्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
र्साइं के मंजू शुक्ला की टीम को प्रथम, विंध्य कन्या की कु. संजू को द्वितीय और आमीना अंसारी को तृतीय स्थान मिला। इन सभी को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर डा. बी सिंह, डा. अजय कुमार सिंह, राजकुमार निराला, विमल, हरिमोहन, शावेज, आनंद, सतीश मौजूद रहे।
उधर संत कीनाराम महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एड्स जागरूकता दिवस मनाया गया। इसका शुभारंभ प्राचार्य डा. सुषमा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
प्राचार्य ने कहा कि एड्स से बचाव सही जानकारी के जरिए ही किया जा सकता है। इसके लिए सभी को जागरूक करने की जरूरत है। यह छूआछूत की बीमारी नहीं है।
संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. गोपाल सिंह ने कहा कि एचआइवी संक्रमण कई कारणों से होता है। उन कारणों के प्रति लोगों को सचेत करना जरूरी है। इस मौके पर तमाम छात्राएं मौजूद रहीं।
वैष्णवी फाउंडेशन की ओर से राबर्ट्सगंज के सोमनाथ मंदिर के पास से रैली निकाली गई। इसमें परियोजना प्रबंधक कुशल तिवारी, प्रियंका मिश्रा, गोपाल मिश्रा, अखिलेश शुक्ला, नीलू पांडेय, दुलार चंद, मंजू पाठक, रमाशंकर, राजसजीवन, रेखा, रामनारायण, रेखा सोनी, शकुंतला मौजूद रहीं।