मधुपुर में चिलचिलाती धूप में प्राइवेट टैंकर से पानी भरने के लिए लाइन में लगे लोग।
सुकृत इलाके में पेयजल समस्या ने लोगों को बेचैन कर दिया है। प्रशासनिक अमले की ओर से अभी तक पेयजल के लिए कोई समुचित कदम नहीं उठाए गए। बस्ती के लोग खदान के पानी से नहा रहे हैं और कपड़ा धो रहे हैं। ऐसे में समस्या गंभीर होती जा रही है। निजी टैंकर से पानी की आपूर्ति से लोग प्यास बुझा रहे हैं। टैंकर के इंतजार में लग रही लंबी लाइन और घंटों का इंतजार प्रशासन के दावे की पोल खोल रहा है।
सुकृत ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान इकबाल अहमद कहते हैं कि ग्राम पंचायत से एक टैंकर चलाया जा रहा है। लेकिन वह वर्तमान में शादियों में ही आवंटित हो जा रहा है। सबमर्सिबल पंप एवं पानी टंकी के जरिए पानी का निर्देश प्रशासन से मिला है लेकिन किल्लत वाले इलाकों में बोर में पानी न होने के कारण कहीं सबमर्सिबल नहीं लगवाया गया।
लोहिया गांव में चयन के बाद भी सुकृत में आवास, रोड, सोलर लाइट तो लगा लेकिन पानी किल्लत सभी विकास योजनाओं पर भारी पड़ रही है। सुकृत की तिवारी बस्ती के मुन्नीलाल कहते हैं कि कभी वक्त निकालकर डेढ़ किमी दूर एक खदान के गड्ढे में कपड़े धोने एवं नहाने के लिए जाना पड़ता है।
टैंकर के पानी को सहेज कर रखते हैं ताकि पीने और खाना बनाने के काम आए। राजेंद्र, सोनमती, प्रमिला, फूलमती, रविंद्र, मालती, फेकन, मीरा, सुनीता, नंदलाल समेत तमाम लोगों का कहना था कि यदि जिला पंचायत सदस्य राजकुमार यादव का टैंकर न आए तो पीने तक के लिए पानी नसीब नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन पर सहयोग न करने और पानी की समस्या से निजात न दिलाने का भी आरोप लगाया। वहीं जल निगम के एक्सईएन राकेश कुमार बंसल कहते हैं कि पानी की डिमांड जहां से आती है वहां टैंकर भेजे जाते हैं। अभी वह मामला दिखवाते हैं।