सोनभद्र। मां वैष्णो मार्डन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन का भ्रमण किया। पुलिस के कामकाज के तरीकों को नजदीक से समझा। आपात स्थिति नियंत्रित करने के तरीके जाने। अमर उजाला की पहल पर मिशन शक्ति-5 के तहत पुलिस लाइन पहुंचे विद्यार्थियों ने एएसपी से संवाद कर पुलिस की कार्यप्रणाली और आमजन की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों से जुड़े सवाल भी पूछे।
सुबह साढ़े दस बजे पुलिस लाइन पहुंचे विद्यार्थियों का पुलिस कर्मियों ने स्वागत किया। सबसे पहले महिला थानाध्यक्ष सविता सरोज ने मिशन शक्ति के संबंध में जानकारी दी। विभिन्न कानूनों से अवगत कराया। मोबाइल के प्रयोग में सावधानी बरतने पर जोर दिया। पुलिस लाइन सभागार में एएसपी कालू सिंह ने छात्र-छात्राओं से संंवाद किया। सभी को कानूनी प्रावधानों, शिक्षा का अधिकार, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा आदि के बारे में जानकारी दी। छात्राओं-बच्चों के साथ होने वाली घटनाएं यौन उत्पीड़न, हिंसा, छेड़छाड़ को लेकर जागरूक करने के साथ बचाव की जानकारी दी। वूमेन पावर हेल्पलाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया। । सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से भी छात्राओं को अवगत कराया गया। एसपी, एएसपी और सीओ कार्यालय की कार्य पद्धति समझाई गई। विद्यार्थियों ने साइबर सेल, कंट्रोल रूम, पुलिस मेस, कैंटीन, बैरक, शस्त्रागार, परेड ग्राउंड, स्टाफ क्वार्टर , परिवहन शाखा, हेलिपैड, मानिटरिंग सेल, हवालात सहित अन्य स्थानों का भ्रमण किया। अपने सपनों को भी साझा किया। कुछ छात्रों ने बताया कि वे पुलिस अधिकारी बनना चाहते हैं। इसके लिए एएसपी से मार्गदर्शन करते रहने का अनुरोध किया। इस दौरान विद्यालय के एकेडमिक हेड अक्षय राज मिश्र, शिक्षिका प्रियंका कुमारी आदि रहे।
बोले विद्यार्थी: यादगार रहेगा अनुभव
छात्रा पूजा उपाध्याय ने कहा कि भ्रमण यादगार रहेगा। पुलिस की कार्यप्रणाली के अलावा सरकार की सुविधाओं की जानकारी मिली। आंचल पांडेय ने कहा कि हमें पुलिस का सहयोग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। स्मृति ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के मामलों को सुनकर पुलिस के बारे में कई तरह की भ्रांतियां मन में थीं। यह दूर हो गई। अंशिका जायसवाल, प्रांजल चतुर्वेदी, विशाल मिश्र, अनामिका यादव, सानिया परवीन, कुलधर्म, यश पांडेय आदि ने भी अनुभवों से सीखने की बात कही।