नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठने वाले जालसाज की तलाश प्रशासन ने भी शुरू कर दी है। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित विभिन्न विभागों में आरोपी के नाम, पते के आधार पर तलाश की गई। दावा किया गया है कि संबंधित नाम का कोई भी शख्स कार्यालय में तैनात नहीं है।
फिलहाल पुलिस इसकी विवेचना कर रही है। पिछले दिनों दुद्धी के चकबगदरीसानी निवासी दिनेश कुमार ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर होम्योपैथिक विभाग में नियुक्ति के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया था।
उसकी तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश वर्मा, करमा के बैडाड़ निवासी अशोक कुमार और राममूर्ति सिंह पर मुकदमा दर्ज किया था। इसमें राममूर्ति सिंह को डीएम ऑफिस का कर्मचारी बताया गया था।
मामला सुर्खियों में आने के बाद डीएम ने एडीएम को इसकी जांच के निर्देश दिए थे। एडीएम वित्त सहदेव मिश्र ने की जांच आख्या में बताया कि राममूर्ति सिंह पुत्र मुन्ना सिंह नाम का कोई भी कर्मचारी कलेक्ट्रेट सोनभद्र में कार्यरत नहीं है।