राबर्ट्सगंज विमला इंटर कालेज में छात्र-छात्राओं को पढ़ाते शिक्षक।
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सोनभद्र। दशहरा बाद मंगलवार को स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अधिक रही। दस फीसदी अधिक विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे। जबकि करीब पचास प्रतिशत अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति नहीं दी है।
कोरोना महामारी के चलते बंद चल रहे स्कूलों में 19 अक्तूबर से कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। 19 अक्तूबर से 23 अक्तूबर तक स्कूल खुले रहे। स्कूल खुलने के इस चार दिन की अवधि में 30 प्रतिशत बच्चे ही स्कूलों में पढ़ाई करने पहुंचे। दशहरा पर अवकाश की वजह से 24 और 25 अक्तूबर को स्कूल बंद रहे। 26 अक्तूबर को पुन: स्कूल खुले तो बच्चों की उपस्थिति पहले से अधिक रही। राबर्ट्र्सगंज स्थित विमला इंटर कालेज के प्रधानाचार्य शिवनारायण लाल ने बताया कि छात्र-छात्राओं की संख्या में पहले की अपेक्षा चार गुना वृद्धि हुई हे। स्कूल खुलने पर पहले दिन 19 अक्तूबर को दोनों पाली में 66 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रहीं। 23 अक्तूबर को छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 155 पहुंच गई। दशहरा बाद स्कूल खुलने पर 26 अक्तूबर को दोनों पाली में 197 छात्र-छात्राएं पहुंची। 27 अक्तूबर को प्रथम पाली में 144 और दूसरी पाली में 103 छात्र-छात्राएं कालेज पहुंचे। राजकीय बालिका इंटर कालेज राबर्ट्र्सगंज की प्रधानाचार्या वंदना सिंह ने बताया कि दशहरा के मद्देनजर 24 और 25 अक्तूबर को विद्यालय बंद था। 19 से 23 अक्तूबर तक करीब 30 प्रतिशत छात्राएं कालेज आई। अब छात्राओं की संख्या बढ़कर करीब 40 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 50 प्रतिशत छात्राओं के अभिभावकों का सहमति पत्र मिल गया है।