हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सोनभद्र में डीएमएफ के गठन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। पंकज मिश्रा की याचिका पर प्रमुख सचिव खनन की तरफ से हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया है।
प्रधानमंत्री क्षेत्र कल्याण योजना के तहत 16 सितंबर 2015 को केंद्र से सभी राज्यों को खनन वाले जिलों में डीएमएफ के गठन का निर्देश दिया गया था। इसमेें 12 जनवरी 2015 के पूर्व के खनन पट्टों की रायल्टी का 30 फीसद और 12 जनवरी 2015 के बाद के खनन पट्टे जो नीलामी के जरिए दिए गए हैं, उनकी रायल्टी का 10 फीसद जमा होना था। मध्यप्रदेश, कर्नाटक सहित सहित करीब-करीब सभी राज्यों ने इसे लागू कर लिया लेकिन उत्तर प्रदेश में यह लागू नहीं हो पाया।
गत एक सितंबर को अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो पता चला कि इसका गठन न होने से सोनभद्र के हिस्से के करोड़ों रुपये एनसीएल में डंप पड़े हैँ। नवंबर में मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो वहां से जानकारी तलब कर ली गई। 15 नवंबर को कोर्ट ने खासी फटकार भी लगाई। इसके बाद प्रमुख सचिव खनन गुरदीप सिंह ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता के जरिए डीएमएफ गठन की प्रक्रिया शुरू करने की बात कहते हुए कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया। अधिवक्ता अभिषेक च ौबे का कहना था कि कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया है। प्रमुख सचिव खनन के पत्र की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें अब जाकर प्रक्रिया अपनाने की बात कही जा रही है।