शक्तिनगर। चार दिन पूर्व एनसीएल के अधिभार (ओबी) की चपेट में आने से तीन किशोरों की मौत के बाद कोयला प्रबंधन की मनमानी पर प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार शाम एसडीएम ने ओबी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और संबंधितों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम रमेश कुमार को कई खामियां मिलीं। चिल्काडांड गांव के दियापहरी मुहल्ले से गुजरे नाले की सफाई के नाम की गई खानापूर्ति पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। एनसीएल अधिकारियों को निर्देश दिया कि नाले से निकाल कर ऊपर रखा गया मलबा तत्काल हटवाया जाए। इस दौरान एनसीएल के अधिकारियों ने नालों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया और बताया कि सफाई के दौरान कुछ ग्रामीण अवरोध पैदा करते हैं। इस पर एसडीएम ने पुलिस अधिकारियों को मदद देने को कहा। एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र के मुख्य बैरियर से एसडीएम चिल्काडांड गांव में पहुंचे। यहां ग्राम प्रधान हीरालाल व क्षेत्र पंचायत सदस्य रंजीत कुशवाहा ने एनसीएल की ओबी से प्रभावित इलाकों के बारे में जानकारी दी और बताया कि एनसीएल सफाई पर हर साल लाखों रुपये खर्च करता है लेकिन खानापूर्ति के चलते जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होता। चिल्काडांड के बाद एसडीएम खड़िया गांव के ओबी प्रभावित क्षेत्र नाई टोले की स्थिति जानी। ग्रामीणों ने सड़क व ओबी बहाव से होने वाली समस्या की जानकारी दिया। एसडीएम के निर्देश पर एनसीएल ने तुरंत गांव का आवागमन दुरूस्त करने के लिए मशीन लगाकर कार्य शुरू करा दिया। निरीक्षण के दौरान एनसीएल खड़िया के अधिकारी आरके जैन (सिविल), एसपी सिंह (सुरक्षा) सहित कई अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।