ओबरा। बिल्ली मारकुंडी निवासी एक महिला की जमीन पर सरकारी बस स्टैंड बनाने के दौरान मुआवजा दिलाने के नाम पर एई, जेई और ठेकेदार पर चार लाख रुपये से अधिक रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। महिला ने ओबरा पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिल्ली मारकुंडी निवासी सावित्री देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि वह, उसकी बहन रामवती और तारा देवी बिल्ली मारकुंडी में सहकाश्तकार हैं। जमीन पर उप्र परिवहन निगम की तरफ से सरकारी बस स्टैंड बनाने का ठेका साटा, पोस्ट- पुरुषोत्तमपुर जिला सुल्तानपुर निवासी नागेंद्र वर्मा को दिया गया था। जब ठेकेदार ने जमीन पर काम शुरू किया तो उनके और सह खातेदारों ने निर्माण कार्य पर आपत्ति जताकर काम बंद करवा दिया। उसके बाद ठेकेदार नागेंद्र वर्मा व जेई जयशंकर प्रसाद सभी खातेदारों से सुलह समझौता करने को राजी हो गए। सुलह समझौता और मुआवजा दिलाने के नाम पर उन्होंने सभी से रुपयों की मांग की। जेई की बातों पर विश्वास कर उन सभी ने 30 अगस्त 2022 को चेक के माध्यम से उन्हें तीन लाख रुपये दिए। इसके अलावा उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 95 हजार, 18 हजार, पांच हजार, तीन हजार रुपये मिलाकर कुल चार लाख 29 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद जेई और ठेकेदार ने कागजात शासन को भेज देने के साथ ही जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए छह माह का समय दिया। इस दौरान सावित्री देवी फोन से जेई और ठेकेदार से लगातार संपर्क में रही। छह माह बीत जाने के बाद से अब तक एई, जेई व ठेकेदार न मुआवजा दिला रहे हैं और न ही उनके रुपये ही वापस कर रहे हैं। सावित्री देवी की शिकायत पर पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
फर्जी परमिट पर गिट्टी बेचने पर मुकदमा
सोनभद्र। फर्जी परमिट और बिना परमिट गिट्टी बेचने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है। इसमें क्रसर मालिक सहित चार लोगों और कुछ अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।
खनिज विभाग के सर्वेक्षक योगेश शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार की रात लोढ़ी बैरियर पर वाहनों की जांच कर रहे थे। इस दौरान एक ट्रक में 29 घन मीटर गिट्टी (डोलो स्टोन) ओवरलोड भरा मिला। चालक रामअनुज ने प्रपत्र ई-फार्म सी प्रस्तुत किया। इसको विभागीय पोर्टल पर चेक किया गया तो पता चला कि इस वाहन के लिए कोई प्रपत्र ई-फार्म सी जारी नहीं हुआ है। प्रपत्र को कूट रचना करके तैयार किया गया था।
वाहन चालक ने प्रपत्र के साथ एक इनवाइस प्रपत्र भी प्रस्तुत किया। इसमें नंदलाल स्टोन क्रसिंग कंपनी बारी डाला, सोनभद्र अंकित है। जिस क्रशर से गिट्टी भरी गई है, उसके बारे में पूछने पर चालक टीम को बलिया स्टोन प्रोडक्ट, बिल्ली मारकुंडी ओबरा लेकर पहुंचा। वहां क्रशर का मुंशी भदोही के खमरिया निवासी अजय कुमार मिला। उसने स्वीकार किया कि वाहन में गिट्टी भरी गई है। इस मामले में ट्रक चालक रामअनुज, अज्ञात ट्रक मालिक, बलिया स्टोन क्रशर के मालिक श्याम लाल केशरी और इसके पार्टनर कृष्ण मुरारी केशरी और अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। एक साल इस तरह के 110 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।