शक्तिनगर। एनसीएल निगाही कोयला खदान में हुए हादसे में सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद हंगामा शांत हुआ।
निगाही सीएचपी क्रॉसिंग के पास बुधवार की रात खड़े हाइवा में बाइक के टकराने से बीईएमएल कंपनी के सुरक्षा गार्ड कपिल देव सिंह की मौत हो गई। बताते हैं कि हाइवा कई दिनों से खड़ा था और अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। आरोप है कि मौत के बाद एनसीएल के अधिकारियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए घटनास्थल से बाइक को करीब एक किमी दूर फेंकवा दिया। अधिकारियों के इस कारनामे की जानकारी पर श्रमिकों का आक्रोश फूट गया। मौके पर एकत्रित हुए लोग लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित आर्थिक सहायता राशि की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन के साथ हंगामा शुरू कर दिया। निगाही मेन बैरियर गेट नंबर एक के पास तड़के चार बजे से शुरू विरोध व हंगामा दोपहर तक चला। इस दौरान वार्ता के लिए पहुंचे एनसीएल के अधिकारियों की आक्रोशित कर्मियों ने एक नहीं सुनी। साक्ष्य मिटाने वाले माइंस अधिकारी, सेफ्टी इंचार्ज, सिक्योरिटी इंचार्ज, तरुण कुमार व शाही के खिलाफ नवानगर थाने में मुकदमा दर्ज होने और मृतक की पत्नी को नौकरी के साथ आर्थिक सहायता राशि का एलान के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।