सोनभद्र।ं जिले के 27 क्वारंटीन सेंटरों में रोके गए विभिन्न राज्यों और जिले के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण टीमें कर रही हैं। जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि उन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण तो नहीं है। संयोग है कि अभी तक जिले में कोई व्यक्ति कोरोना का शिकार नहीं मिला है। लेकिन कई सेंटरों पर ठहरे कुछ लोग घर जाने के लिए कभी-कभी शोर-शराबा करने लगते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कड़ा एक्शन लेगी। एसपी ने मातहतों को अशांति पैदा करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
देश में तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। 21 दिनों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें संदिग्ध मरीजों के कोरोना वायरस की जांच करने के लिए पहुंच जा रही है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम और एसपी को बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटीन सेंटरों पर रहने, भोजन, नाश्ता, स्वास्थ्य परीक्षण आदि कराने का निर्देश दिया है। कुछ दिन पूर्व यूपी के कुछ जिलों में अराजक तत्वों द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ अभद्रता करने का मामला प्रकाश में आया था।
इसको गंभीरता से लेते हुए सीएम ने सभी एसपी को कोरोना जैसी महामारी से लोगों को बचाने के लिए लगे अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जिले में 27 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए है। इन सेंटरों में 1600 से अधिक लोगों को रखा गया है। पिछले दिनों कुछ सेंटरों पर झारखंड, छत्तीसगढ़ के कुछ लोगों ने घर जाने की जिद करने लगे थे, लेकिन पुलिस ने समझा कर सभी को शांत करा दिया था। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि उपद्रव करने वालों के विरुद्ध एनएसए के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।