आदिवासी जागृति मंच के कार्यकर्ताओं ने आदिवासियों के साथ मिलकर सोमवार को राबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान से जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर पहुुंचकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
इस दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आदिवासियों को आरक्षण देने की मांग की। साथ ही राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्री मांगपत्र मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा।
आदिवासी जागृति मंच के बैनर तले जिले भर के आदिवासी सोमवार को राबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान में भारी संख्या में पहुंचे। यहां से आदिवासियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यहां प्रदर्शन कर आदिवासियों ने धरना दिया और सभा की। इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विजय सिंह गोड़ ने कहा कि आदिवासियों को चुनाव लडने का संवैधानिक अधिकार पिछले दो पंचवर्षीय चुनाव से नहीं मिल रहा है।
आदिवासियों ने कई बार सरकार और प्रशासन से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की मांग उठाई लेकिन सरकार भी इस पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे आदिवासी महज वोट देने वाला बनकर रह गया है।
कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 के सितंबर-अक्तूबर में होने की संभावना है। क्षेत्रों का परिसीमन तथ मतदाता सूची में संशोधन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। अब आरक्षण का कार्य माह जून एवं जुलाई में होना है।
ऐसे में पिछड़ी और अनुसूचित जाति की भांति अनुसुचित जन जातियों के लिए भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण किया जाए ताकि संविधान में दी गई व्यवस्था का पालन किया जा सके।
उन्होंने जिले के दूरस्थ बसे आदिवासी गांवों में पेयजल संकट का मामला भी उठाया। कहा कि आदिवासी गांवों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए तथा गांवों में हैंडपंप में रीबोर प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
सभा की अध्यक्षता कर रहे जागृति मंच के अध्यक्ष रमाशंकर ओयाम ने कहा कि आदिवासी पिछले दस माह से अपने संवैधानिक अधिकारों को लेकर जिले के आठों ब्लाकों में कई बार सभा का आयोजन कर चुके हैं।
आगे भी अपने अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे। सभा के बाद मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर जीतन खरवार, रामबली सिंह, बबई सिंह मरकाम, बसंतलाल, वीरेंद्र सिंह, जवाहर लाल जोगी, रामनरायण सिंह मौजूद रहे।