सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में वरासत अभियान को लेकर बैठक हुई। एसडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर से 30 दिसंबर तक राजस्व/तहसील अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर राजस्व ग्रामों में प्रचार-प्रसार तथा खतौनियों को पढ़ा जायेगा। इसके पश्चात संबंधित लेखपाल द्वारा वरासत के लिए प्रार्थना-पत्र प्राप्त कर उन्हें आन लाईन भरा जायेगा। लेखपाल को अपने लॉगिन आईडी से उत्तराधिकार/वरासत विवरण भरा जाएगा।
बताया कि आवेदक स्वयं आनलाईन अथवा जनसेवा केंद्र पर प्रार्थना-पत्र भरने के लिए राजस्व परिषद की वेबसाईट पर दिए गए राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली लिंक पर उपलब्ध उत्तराधिकार/वरासत के आवेदन लिंक पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अंकित करेगा, तत्पश्चात मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को भरकर एक बार पंजीकरण करेगा असैै वांछित सूचनाएं पोर्टल पर अंकित करेगा। संबंधित लेशपाल इसकी जॉच करेगा। यह प्रक्रिया 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक चलेगी। 16 जनवरी से 31 जनवरी राजस्व निरीक्षक इसकी जांच कर वरासत के संबंध में आदेश पारित करेगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक कार्यालय द्वारा उक्त नामांतरण आदेश को दर्ज करेगा। इस प्रक्रिया में लेखपाल/राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार तथा उप जिलाधिकारी को डीएम को इस आशय का प्रमाण-पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र के अन्तर्गत स्थिति राजस्व ग्रामों में निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से अवशेष नहीं है। अभियान के अंत में डीएम प्रत्येक तहसील के दस प्रतिशत राजस्व ग्रामों को चिन्हित कर जांच करवाएंगे। बीस फरवरी तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बताते चलें कि जिले में कई वरासत के ऐसे मामले हैं, जो वर्षों से लंबित पड़े हैँ। कोई विवाद न होने की स्थिति में वर्षों पूर्व मृत हो चुके व्यक्तियों का ही नाम खतौनी में शो कर रहा है। यह अभियान ऐसे परिवार के लोगों को बड़ी राहत देगा। एसडीएम घोरावल जैनेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।