रामगढ़। पन्नूगंज थाना के मधकपुर गांव में रविवार को दोपहर में सड़क के किनारे लगे बिजली के पोल के स्टे वायर में उतर रहे करंट से अनिल शर्मा (32) की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने दो दिन पहले ही करंट उतरने की शिकायत बिजली निगम के अधिकारियों से की थी लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे नाराज लोगों ने चतरा-बंजरिया मार्ग पर जाम लगा दिया। चार घंटे बाद एसडीएम और सीओ ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
मधकपुर गांव में सड़क के किनारे बिजली के पोल के स्टे वायर में तीन चार दिनों से करंट उतर रहा था। रविवार की दोपहर में सथवल गांव निवासी अनिल शर्मा (32) मधकपुर जा रहा था। अनिल मधकपुर में बंटाई पर खेत लेकर खेती करता था। रास्ते में कीचड़ व जलभराव के चलते पैर फिसलने से वह पोल के स्टे वायर से सट गया।
उसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया। आस पास के लोगों ने देखा तो शोर मचाया और किसी तरह उसे तार से अलग किया लेकिन तब तक अनिल की मौत हो चुकी थी। ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं युवक के मौत से गांव के लोग आक्रोशित हो गए।
परिवार वालों को मुआवजा देने और बिजली निगम के दोषी कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए चतरा-बंजरिया मार्ग जाम कर दिया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने भी मुआवजा और दोषी ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
सूचना पाकर पन्नूगंज थाना प्रभारी दिनेश प्रकाश पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने। बाद में मौके पर एसडीएम सदर उत्कर्ष द्विवेदी, सीओ सदर रणधीर मिश्र पहुंचे।
उन्होंने बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता से फोन पर वार्ता की। इसके बाद आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को राजस्व विभाग की ओर से पांच लाख और बिजली विभाग की ओर से पांच लाख सहित दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। वहीं दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इसके बाद शाम चार बजे जाम समाप्त हुआ और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ रणधीर मिश्र ने बताया कि परिवार वालों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।