छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र के रम्पाकुरर गांव में गुरुवार की रात अचानक करीब डेढ़ दर्जन हाथियों का झुण्ड पहुंच गया। झुंड पहुंचते ही गांव में हड़कंप मच गया और लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बभनी वन क्षेत्राधिकारी को दी।
वन क्षेत्राधिकारी की टीम गांव पहुंच कर हाथियों को जंगलों में खदेड़ने में जुट गई। हाथियों का चिंघाड़ सुनते ही ग्रामीण सहम गए। हाथियों ने रम्पाकुरर गांव में शंकर प्रसाद, हीरामन, शंकुतला देवी और चीतामन के धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों के डर से गांव में हड़कंप मच गया है।
अगस्त माह में भी हाथियों के झुंड ने सीमावर्ती गांवों डूमरहर, रंपाकुरर, नवाटोला, महुआदोहर,मंगरमाड में ग्रामीणों की फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाया था। काफी समय बाद वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड को जगलों में खदेड़ने में कामयाब हो सकी।
लगातार दो वर्षों से हाथियों का झुण्ड सीमावर्ती गांवों में उत्पात मचाने के बाद वापस हो जा रहे हैं, लेकिन विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया और न ही आज तक विभाग द्वारा किसानों को फसल की क्षतिपूर्ति ही दी गई।
वनक्षेत्राधिकारी अवध नारायण मिश्रा ने बताया कि रंपाकुरर गांव में हाथियों के होने की सूचना मिली है। वह स्वयं टीम के साथ निगरानी में लगे हैं। झुण्ड से ग्रामीणों की फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना भी मिली है।