सोनभद्र। जनजाति सुरक्षा मंच ने बृहस्पतिवार को विभिन्न मांगों से संबंधित राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जनजाति सुरक्षा मंच के वक्ताओं ने धर्मांतरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची से हटाकर उन्हें दिए जाने वाला आरक्षण समाप्त करने की मांग की। बताया कि धर्मांतरित जनजातियों को आरक्षण सुविधाएं दिए जाने के विरुद्घ तत्कालीन जनजाति नेता एवं लोक सभा सदस्य कार्तिक उरांव ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 1970 में एक आवेदन दिया गया था। इस बात को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उस आवेदन को ना लोकसभा के पटल पर रखा गया था, ना ही उसको खारिज किया था। बल्कि उसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में रामवृक्ष, सीताराम उरांव, रामनरायण, मान सिंह, सीताराम द्वितीय, देव नारायण आदि शामिल रहे।