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Sonebhadra News: प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर जाने के लिए बनेगी दूसरी सड़क और सीढ़ी

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पंचमुखी पहाड़ी पर ​स्थित मंदिर में विराजमान पंचमुखी महादेव। संवाद
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सोनभद्र। नगर पालिका परिषद सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) के सहिजन खुर्द वार्ड स्थित प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर अब वंदन योजना के तहत विकसित किया जाएगा। मंदिर परिसर और पहुंच मार्ग के सुंदरीकरण और सुविधाओं के लिए करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रशासन की तरफ से डेढ़ महीने पहले पंचमुखी मंदिर परिसर का नापी कराते हुए शासन में प्रस्ताव भेजा गया था, इसे मंजूरी मिल गई है। यहां मंदिर जाने के लिए दूसरी नई सड़क और चौड़ी सीढि़यां बनेंगी।
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रॉबर्ट्सगंज के विस्तारित क्षेत्र स्थित पंचमुखी पहाड़ी न केवल पुरातात्विक महत्व से बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। पंचमुखी महादेव मंदिर में वैसे तो वर्षभर श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। यहां सावन माह में बड़ी संख्या में जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों के साथ श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि और वसंत पंचमी केे दिन विशाल मेला लगता है। मंदिर परिसर के पास वाहन पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के मुख्य पुजारी लक्ष्मण दुबे, सौरभ दुबे के साथ स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि पंचमुखी महादेव मंदिर के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मंदिर परिसर में ये विकास कार्य होंगे
नगर पालिका प्रशासन की मानें तो श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंचमुखी महादेव मंदिर तक जाने के लिए पहले से बनी सड़क के बगल से नई सड़क बनाई जाएगी। एक लेन से यात्री मंदिर जाएंगें और दूसरे लेन से वापस होंगे। पथ प्रकाश की सुविधा, मंदिर परिसर में पहले से बनी सीढ़ी के बगल में चौड़ी सीढ़ी का निर्माण होगा। पीछे की ओर जाने वाले रास्ते का विकास तथा नीम के पेड़ के पास वाले मार्ग को भी व्यवस्थित किया जाएगा। वाहन पार्किंग की व्यवस्था, बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां लगाई जाएंगी। वहीं बारिश और धूप से बचाव के लिए टिनशेड का निर्माण कराया जाएगा।
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इसलिए भी महत्वपूर्ण है पंचमुखी पहाड़ी
पंचमुखी महादेव मंदिर के आसपास की पहाड़ी पर स्थित गुफाओं में शैलचित्र मानव के कलात्मक अभिव्यक्ति के प्रथम सोपान माने जाते हैं। पंचमुखी पहाड़ी पर मंदिर के दक्षिणी करार पर कुल लगभग 16 शैलाश्रयों में प्राचीन चित्र उत्कीर्ण हैं। चित्रण का विषय जानवरों का शिकार व नृत्य है। यहां पर कुछ शैलाश्रयों में प्राचीन अक्षर लिपियां भी विद्यमान है। यहां बने हुए शैलचित्र मध्यपाषण काल से मध्यकाल तक के माने जाते हैं। यह स्थल पुरातत्व विभाग की तरफ से संरक्षित किया गया है।

प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर को वंदन योजना के तहत विकसित किया जाएगा है। इसके तहत करीब दो करोड़ की लागत से विकास कार्य कराया जाएगा। इसके लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। जल्द बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराते हुए मंदिर परिसर का विकास कार्य कराया जाएगा। - मुकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी- नगर पालिका परिषद सोनभद्र।

पंचमुखी पहाड़ी पर स्थित मंदिर में विराजमान पंचमुखी महादेव। संवाद

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