सोनभद्र। कफ सिरप की तस्करों के सरगना शुभम के पिता भोला जायसवाल से पूछताछ में जुटी सोनभद्र एसआईटी और वाराणसी की टीम को कई अहम जानकारियां मिली हैं। रांची के पते पर पंजीकृत शैली ट्रेडर्स के जरिये कफ सिरप का काला कारोबार 15 तस्करों का रैकेट संभाल रहा था।
यह रैकेट गाजियाबाद, वाराणसी, सोनभद्र, चंदौली, रांची से लेकर नेपाल-बांग्लादेश तक सक्रिय था। कफ सिरप की आपूर्ति फर्मों की बजाय सीएंडएफ (कैरी एवं फारवर्डिंग एजेंसी) से सीधे बिलिंग की जाती थी और उसे ट्रकों पर लोड कर नेपाल-बांग्लादेश भेज दिया जाता था।
सिरप निर्माता एबाट हेल्थ केयर लिमिटेड ने सहारनपुर के जीआर ट्रेडर्स और रांची की शैली ट्रेडर्स को मुख्य वितरक (कैरी एवं फारवर्डिंग एजेसी) का दर्जा दे रखा था। बताते हैं कि दोनों एजेंसियों से लगभग दो सौ से तीन सौ फर्में जुड़ी थीं। यूपी में कोडिन युक्त कफ सिरप की खपत काफी कम होने के कारण एजेंसी से सीधे हर जिले में तीन से चार फर्मों के नाम थोक आपूर्ति दिखाते हुए बिल निकाले गए।
कई ऐसी फर्माें के नाम भी बिल जारी किए गए, जिनका औषधि नियंत्रण विभाग से लाइसेंस निरस्त किया जा चुका था, लेकिन उनका लाइसेंस नंबर एजेंसी के पास पड़ा था। चूंकि नेपाल और बांग्लादेश में इस सिरप की कीमत तीन गुनी मिल रही थी। इसलिए ज्यादा से ज्यादा आपूर्ति फर्जी तरीके से दिखाते हुए कफ सिरप लदे ट्रक नेपाल और बांग्लादेश भेज दिए जाते थे।
भोला बनकर पुलिस के सवालों का गोल-मोल जवाब दे रहा भोला
शैली ट्रेडर्स के हर लेन-देन, हर बैंक डिटेल की जानकारी रखने के बाद भी भोला जायसवाल पूरी तरह भोला (सीधा) बना हुआ है। पूछताछ में जुटी सोनभद्र एसआईटी और वाराणसी की टीम के सवालों का गोलमोल जवाब दे रहा है। कभी बेटे शुभम को ही सारी चीजों की जानकारी होने तो कभी बेटे को गलती की सजा भुगतने की चेतावनी देने की बात कर रहा है।
कभी फर्म से जुड़े प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करने, फर्म के खाते से होने वाले पैसे के लेन-देन की जानकारी होने की बात भी स्वीकार कर रहा है। टीम लगातार इस कोशिश में जुटी है कि इस रैकेट से जुड़े सभी लोगों के नामों की जानकारी कर ली जाए। तस्करी के तरीके, उससे होने वाली कमाई और मिलने वाली कमाई का हवाला लेन-देन में कौन-कौन संलिप्त है़? इसकी भी जानकारी करने की कोशिश की जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी की जांच और पूछताछ के जरिए अब तक जो जानकारी हासिल हुई हैं, उसमें शैली ट्रेडर्स से जुड़े लोगों में सोनभद्र से तीन, गाजियाबाद से 10, चंदौली-वाराणसी से एक-एक नाम सामने आए हैं। टीम सभी की भूमिका जांचने में लगी हुई है।