फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: बैटरी ढोने वाले के नाम फर्म खोलकर की हेराफेरी, 17.40 करोड़ का आयकर नोटिस मिला, प्राथमिकी

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। आठ हजार के वेतन पर वाहन पर पुरानी बैटरी लादने-उतारने का काम करने वाले मिर्जापुर के युवक का बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर कई कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उसके नाम पर शिवा ट्रेडिंग कंपनी खोलकर दो बैंक खातों के जरिए करोड़ों की जीएसटी और आयकर की चोरी कर ली गई। पांच साल बाद मामले का खुलासा तब हुआ जब आयकर विभाग ने उसके मूल पते पर 17.40 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा। पीड़ित की तहरीर पर कथित कंपनी के संचालक बताए जा रहे अजय पटेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

संतनगर (मिर्जापुर) थाना क्षेत्र के कन्हईपुर निवासी शिवधनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि वाराणसी के मोहनसराय में रह रहे सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र (नौगवां) निवासी अजय पटेल से उसकी आठ साल पहले मुलाकात हुई थी। वह उनके जान-पहचान वालों के घर काम कर चुका था। उससे कहा कि उनका पुरानी बैटरी का कारोबार है। उनके घर पर ही खराब-पुरानी बैटरी को वाहन पर लादने-उतारने का काम करना है। इसके बदले उसे आठ हजार हर माह मिलेंगे। जुलाई 2020 में उन्होंने कहा कि अब उसे खाते से वेतन का भुगतान होगा। इसके लिए कोटक महिंद्रा और उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक राॅबर्ट्सगंज में उसके नाम से खाता खोलवाया। उनके नाम से सिम निकालकर सादे चेकबुक के प्रत्येक पन्ने पर हस्ताक्षर कराए गए। पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, पैनकार्ड सहित अन्य कागजात अपने पास रख लिया। भरोसा कर उसने हस्ताक्षर कर दिया। बाद में जब उसे खाते से भुगतान नहीं मिला तो पूछने पर बहाने बना दिए। नवंबर, दिसंबर 2025 में आयकर विभाग से उसके घर नोटिस पहुंची तो कहा कि वह इसे किसी को न बताए। वह इसे खत्म करा देगा। पिछले दिनों जब उसे दूसरी नोटिस मिली तो कम पढ़ालिखा होने के कारण उसने दूसरे से जाकर इसे पढ़वाया तो पता चला कि उसे 17 करोड़ 40 लाख 12 हजार 207 रुपये की नोटिस दी गई है।
जीएसटी पंजीयन के आधार पर पता चला कि उसके नाम से शिवा ट्रेडिंग कंपनी चंडी तिराहा का पंजीयन कराया और उसके खाते से फर्जी दस्तखत, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ाें का लेन-देन कर जीएसटी-आयकर की चोरी की गई। विभाग से पता चला कि वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में फर्म के जरिए कई करोड़ की हेरा-फेरी करने के बाद 2023 में उसे बंद कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें