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Sonebhadra News: पत्नी के नाम से फर्जी फर्म बनाकर 50.30 लाख का भुगतान, शिकायत पर उसी नाम से कराया पंजीयन

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सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में हैंडपंप मरम्मत और पेयजल व्यवस्था के नाम पर बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। कोन ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों वाले एक क्लस्टर (बागेसोती, चेरवाडीह, किशनपुरवा, करइल, रोरवा) की सत्र 2024-25 की पड़ताल में ही 50.30 लाख रुपये का भुगतान सवालों के घेरे में आ गया है।
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एक फर्म संचालक ने पत्नी के नाम से फर्जी फर्म बनाकर यह भुगतान लिया है, इसमें 37.89 लाख रुपये सिर्फ हैंडपंप मरम्मत सामग्री के नाम पर दिए गए हैं। जून 2025 में जब इसकी शिकायत हुई तो जुलाई 2025 में उसी फर्म के नाम पर जीएसटी का नया पंजीयन ले लिया गया। उप निदेशक पंचायत एके सिंह ने जनवरी में शिकायत की जांच के दौरान बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता को माना था।
बावजूद अभी तक इस मामले में संबंधित पंचायत सचिव को नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं हुआ। पंचायती राज विभाग के मेरी पंचायत एप पर दर्ज विवरण के मुताबिक अप्रैल 2024 से जून 2025 के बीच 15 महीने में कोन ब्लाॅक की पांच ग्राम पंचायतों में 50.30 लाख का भुगतान एक ही फर्म को किया गया है।
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इसमें 2024-25 में 33.10 लाख और 2025-26 में 17.19 लाख रुपये का भुगतान लिया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जिस फर्म के नाम पर भुगतान हुआ है, उसका तत्कालीन समय में कोई अस्तित्व ही नहीं था।
तत्कालीन सचिव की मिलीभगत से पटवध स्थित एक बैंक शाखा में खाता खोला गया और उसे फर्जी फर्म से जोड़ते हुए जीएसटी चोरी की गई। ग्राम पंचायतों में कई कार्यों को महज कागज पर दिखाकर लाखों का भुगतान ले लिया गया। जब शिकायत शुरू हुई तो बाद में उसी फर्म के नाम पर जुलाई 2025 में अलग जीएसटी नंबर से नया पंजीयन करा लिया गया।
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