सोनभद्र। जिले में कई किसानों के नाम और पते राजस्व अभिलेखों की खसरा-खतौनी में अलग-अलग दर्ज होने अथवा नाम के साथ सिंह, कुमार, देवी, रानी, कुमारी जैसे उपनामों में भिन्नता होने के कारण किसान रजिस्ट्रेशन में परेशानी आ रही है। इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। डीएम ने नाम संशोधन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे किसानों को उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ बता दें कि नाम संशोधन के लिए किसानों को बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे, जिसकी शिकायतें लगातार प्रशासन को मिल रही थीं।
डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नाम संशोधन प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और राजस्व कर्मी उन्हें बार-बार तहसील आने के लिए मजबूर न करें। निर्देश दिए हैं कि नाम संशोधन के लिए आवेदन प्राप्त होने से लेकर प्रक्रिया पूर्ण होने तक की निश्चित समय सीमा तय की जाए और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।