बभनी/ आसनडीह। बभनी मोड़ स्थित इमामबाड़े में क्षेत्र के चपकी, बड़होर, असनहर, दरनखाड़ के लगभग 38 ताजिये जुटे। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भी ताजिये निकाले गए। जो भ्रमण के बाद कर्बला में दफनाए गए। इस दौरान बच्चे, जवान ही नहीं बूढ़ों ने भी लाठी, तलवार, भाले, खंजर आदि से करतब दिखाए। बभनी मोड़ स्थित इमामबाड़े के आसपास पुरुषों-महिलाओं की भीड़ रही।
ब्लाक प्रमुख कासिम हुसैन, थानाध्यक्ष बभनी योगेश यादव ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय ताजियेदारों को क्रमश: ग्यारह सौ, सात सौ और पांच सौ का पुरस्कार भी दिया। इसके साथ ही और ताजियेदारों को सौ-सौ रुपये का पुरस्कार दिया गया। थानाध्यक्ष अपने दल बल के साथ जमे रहे। जिससे ताजियेदारों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। मोहर्रम को सकुशल संपन्न कराने में अजुंमन कमेटी सदर बभनी मुहम्मद आरिफ, अजीजुद्दीन, मोहम्मद इम्तियाज, अनवर हुसैन, खुर्शीद आलम, असलम, फिरोज खां, डा. कुसबुद्दीन सहित अन्य लोगों ने योगदान दिया। इस दौरान क्षेत्र में बड़होर निवासी रहमान के सुपुत्र इदू खां का सबसे बड़ा नब्बे फीट का ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों के अनुसार सबसे ऊंचा ताजिया बभनी में निकाला गया। कर्बला सरिक बड़होर में मंगलवार को ब्लाक प्रमुख कासिम हुसैन के सौजन्य से लंगर का आयोजन किया गया है। प्रमुख ने लंगर में अधिक से अधिक लोगोें के उपस्थित होने की अपील की हैैै।