सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीएमओ डा. रामअवध यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने नवजात शिशु के देखभाल की विधिवत जानकारी दी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राम अवध यादव ने कहा कि नवजात की देखभाल के लिए उसके जन्म के पश्चात डेढ़ मिनट का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसमें शिशु पहली सांस लेता है। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को बहुत ही सावधानियां बरतनी होती हैं। शिशु को जन्म के पश्चात एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाया जाय। छह माह तक मां का दूध शिशु को हरहाल में पिलाया जाना चाहिए, जिससे उसे कुपोषण से बचाते हुए स्वस्थ रखा जा सके। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. गणेश प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम, आशाओं को घर-घर जाकर मां के दूध का सेवन करने से शिशु को होने वाले लाभ का प्रचार, प्रसार करने की सलाह दी। कहा कि बच्चों को दो वर्ष तक मां का दूध पिलाया जाना जरूरी होता है, वरना विभिन्न बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. वीके अग्रवाल ने नियमित टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवजात शिशु को लगने वाले टीके अति आवश्यक है। कार्यशाला में डा. एबी प्रसाद, एसके सिंह, विनीत श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।