सोनभद्र। लघु सिंचाई विभाग की आरआईडीएफ 15 योजना के तहत कुओं का निर्माण और गहरीकरण का मामला गरमा गया है। बुधवार को प्रभारी जिलाधिकारी /सीडीओे शफकत कमाल ने लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन और एई को एक सप्ताह के भीतर सरकरी धन के बंदरबाट करने वालों के खिलाफ कारवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत कराने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले में करीब आठ सौ नये कुओं का निर्माण और उतने ही पुराने का गहरीकरण कराया जाना है। अधिकारियों ने अधिकतर कुओं का कार्य ठेकेदारों को आवंटन कर दिया है। अति नक्सल प्रभावित नगवां और चतरा ब्लाक के कई गांवों में कागजों पर गहरीकरण कर लाखों रुपये हजम करने का मामला प्रकाश में आते ही सरकारी धन के बंदरबाट करने वालों में हड़कंप मच गया है। विगत दिनों घोरावल विकास खंड क्षेत्र के भरकना गांव में सहायक अभियंता कन्हैया लाल तिवारी ने विजय बहादुर सिंह के खेत में बन रहे कुएं की जांच कर दी। जिसमें कुएं के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल समेत कई खामियां उजागर हुई। सभी ब्लाक के बीडीओ द्वारा जांच शुरू किए जाने से संबंधित भ्रष्ट अधिकारियों को दिन में भी आसमान में तारे दिखाई देने लगे हैं। प्रभारी डीएम/सीडीओ शफकत कमाल ने संबंधित एक्सईएन और एई को एक सप्ताह के भीतर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और बारिश के पहले निर्माणाधीन कुओं का मानक के अनुसार कार्य कराने का निर्देश दिया। प्रभारी डीएम का कहना है कि फर्जी तरीके से कुओं के निर्माण और गहरीकरण के नाम पर धन निकाल कर हजम करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।