बैढ़न। सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के चिनगी टोला में रविवार की तड़के अवैध कोयला खदान धसकने से छह लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना एक घायल ने गांव पहुंचकर दी जिसके बाद गांव में कोहराम मच गया। नींद में सो रहे लोग बिस्तर से उठकर रोते-बिलखते घटनास्थल की ओर भागे। सूचना मिलने के बाद बरगवां पुलिस और उसके बाद कलेक्टर, एसपी भी मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे शवों को बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई। पूर्वाह्न तक सभी छह शव बाहर निकाल लिए गए थे। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद डीएम, एसपी ने एसीएल प्रबंधन के साथ मीटिंग की। इसमें आगे ऐसे हादसे न हो पर रोकथाम के उपाय सुझाए गए। उधर सभी शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल बैढ़न भिजवाया गया। 27 फरवरी को बिल्ली पत्थर खदान हादसे के बाद रविवार को अवैध कोयला खनन हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन के मुद्दे को गर्म कर दिया है।
एनसीएल की गोर्बी बी ब्लाक में चिनगी टोला के समीप एक्वायर जमीन है। पिछले काफी समय से चिनगी टोला के रहवासी यहां से अवैध कोयला खनन करते आ रहे थे। भनक लगने पर एनसीएल ने उसे दो-तीन बार पटवाया। हालिया समतलीकरण एक महीने पूर्व डीएम एम सेलवेंद्रन तथा एसपी इरशाद वली के निर्देश पर किया गया था। लोगों की सूचना के बाद दोनों आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और अवैध खनन स्थल को मिट्टी से पटवाया। किंतु पिछले तीन दिनों से चिनगी टोला के दो दर्जन लोग खुदाई करने में जुट गए। बताते हैं कि खुदाई से भीतर ही भीतर पोल हो गया जिससे रविवार की सुबह खदान धस गई। आठ लोग मलबे में दब गए जिसमें कमलेश कुशवाहा (32) पुत्र रामदयाल बच गया और निकलकर गांव की ओर भागा। उसकी सूचना पर तड़के गांव में कोहराम मच गया। सोए लोग बिस्तर छोड़कर दुर्घटनास्थल की ओर भागे। देखते ही देखते भारी तादाद में भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फिर डीएम, एसपी मौके पर पहुंचे। शवों को निकालने की कवायद शुरू की गई। डीएम एम सेलवेंद्रन ने बताया कि अवैध कोयला खनन हादसे में सरफुद्दीन (35) पुत्र आस मोहम्मद, सफाक अली (30) पुत्र जाबिर अली, अलाबख्श (32) पुत्र जाजूद्दीन, अजाबुद्दीन (24) पुत्र शफीक मोहम्मद, अशफाक (30) पुत्र खलील मोहम्मद, मीर हसन (36) पुत्र शमशेर अली की मौत हो गई है। जबकि कमलेश कुशवाहा और इसराइल (33) पुत्र गफूर मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसराइल को नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। डीएम ने कहा कि मृतक काफी गरीब तबके से हैं। इसलिए पांच-पांच हजार रुपया अंतिम संस्कार के लिए दिलवाया गया है। संवेदना के तहत मृतक आश्रित परिवारों को रोजगार मुहैया कराने पर विचार किया जा रहा है। आगे ऐसे हादसे न हो इसके लिए एनसीएल प्रबंधन के साथ मीटिंग की गई और जरूरी सुझाव दिए गए हैं। एसपी इरशाद वली ने किसी तरह की कार्रवाई से इंकार किया। बोले ग्रामीण बेहद गरीब हैं। उनके विरुद्ध नहीं लेकिन ईंट-भट्ठे जो उनके अवैध खनन के लिए प्रेरित किए, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई दो-चार दिनों में ही की जाएगी।