ओबरा (संवाददाता)। राज्य विद्युत उत्पादन निगम के एमडी धीरज साहू ने शनिवार को दोपहर बाद ओबरा पहुंच कर अधिकारी वार्ता के पश्चात ओबरा तापीय परियोजना निरीक्षण के लिए निकल पड़े। उसके पूर्व वीआईपी अतिथि गृह में सीआईएसएफ के जवानों से गार्ड आफ आनर की सलामी दी। प्रबंध निदेशक धीरज साहू दो दिन के अनपरा प्रवास के पश्चात सड़क मार्ग से दोपहर लगभग तीन बजे वीआईपी अतिथि गृह में पहुंचे जहां परियोजना के उच्चाधिकारियों ने फूलों का गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। एक घंटे विश्राम एवं लंच के बाद पत्र प्रतिनिधियों को संबोधित करने के अलावा कामगार यूनियनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं के निराकरण पर गंभीर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इनके साथ निगम के तकनीकी सलाहकार डीएन वाजपेई भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कामगारों के उन मांगों पर स्थानीय प्रबंधन को कार्रवाई करने निर्देश दिया जो परियोजना प्रबंधन स्तर से ही काफी दिनों से लंबित पड़े थे, जिसके कारण कामगारों में अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्याप्त था। इस दौरान तापीय परियोजना के सिविल प्रबंधन को श्रमिक वेलफेयर एवं श्रम कानूनों पर हो रहे उल्लंघन पर भी कड़ी चेतावनी दी।
बताते चलें कि 18 सौ करोड़ की लागत की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एक हजार मेगावाट क्षमता की ‘ब’ ताप विद्युत गृह में स्थित दो-दो सौ मेगावाट की इकाइयों का बीएचईएल द्वारा चल रहे कार्य की समीक्षा करने एवं कार्य को समय से पूरा कराने पर बल देने के साथ-साथ ओबरा परियोजना के उत्पादन में बढ़ोतरी के तकनीकी कवायद पर बल देने के लिहाज से एमडी का दौरा ओबरा परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो सौ मेगावाट क्षमता की पांचों इकाइयों के अनुरक्षण तहत लगभग चार बजे प्रबंध निदेशक धीरज साहू, तकनीकी सलाहकार डीएन वाजपेई, परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक महेंद्र कुमार, महाप्रबंधक प्रशासन अशोक कुमार पूरे लाव लश्कर के साथ परियोजना का जायजा लेने पहुंचे। परियोजना के उत्पादन एवं रख रखाव पर आवश्यक निर्देश देने के पश्चात अधिकारियों के साथ देर शाम बैठक की। एमडी धीरज साहू शनिवार को ही त्रिवेणी एक्सप्रेस द्वारा लखनऊ के लिए रवाना हो गए।