सोनभद्र। जिले में हो रही मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नकेल कसने लगा है। न्यायालय न्याय निर्णायक अधिकारी (एडीएम) मनीलाल यादव ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री का आरोप सिद्ध होने पर तीन निर्माता कंपनियों समेत 12 दुकानदारों पर करीब 47 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। सभी को जुर्माना की राशि जमा करने का निर्देेश दिया है। इन पर पैकेजिंग और लेबलिंग के उल्लंघन का भी आरोप है।
जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की ब्रिकी पर रोक लगाने के लिए लगातार कवायद की जा रही है। पूर्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय पांडेय ने राबर्ट्सगंज में मंडी समिति के सामने स्थित मधुवन रिटेल प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी कर अचार की सैंपलिंग की थी। यहां के मैनेजर अमरेंद्र कुशवाहा समेत अन्य को इसके लिए नोटिस भी दी थी। जांच में सैंपल फेल होने पर मामला न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में दाखिल किया गया था। इस मामले में दोषी पाने पर न्यायालय ने अमरेंद्र कुमार कुशवाहा पर 50 हजार, अमित इंटर प्राइजेज के एजेंसीकर्ता शिवशंकर गुप्ता पर 75 हजार, निर्माता फर्म वीवी फ्रंटेरियन प्रोडक्ट पनकी इंडस्ट्रियल एरिया साइट टू कानपुर पर एक लाख और वितरक फर्म अशोक सेल्स कंपनी नयागंज पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने सरसों के तेल में मिलावट सिद्ध होने पर चूड़ी गली ओबरा के दुकानदार रामकुमार गुप्ता पर पांच हजार और अमित ट्रेडर्स अग्रवाल मार्केट चोपन पर 10 हजार का जुर्माना लगाया है।
यह जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी राबर्ट्सगंज सूर्यलाल बिंद ने बताया कि अन्य मामलाें में न्यायालय ने राजकुमार सोनी निवासी बिल्ली स्टेशन रोड पर एक हजार, अंजनी कुमार नामिनी साहू फूड ओबरा पर पांच हजार, रामलच्छन ओबरा पर तीन हजार, डीलर जायसवाल इंटर प्राइजेज दुद्धी पर पांच हजार और निर्माता अशोक उद्योग प्राइवेट लिमिटेड रामनगर पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यदि इन वितरकों और दुकानदारों ने जुर्माना की राशि जमा नहीं की तो अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।