फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रबोधिनी एकादशी पर भक्तों ने रखा व्रत

Tue, 04 Nov 2014 05:30 AM IST
Sonbhadra
विज्ञापन
विज्ञापन
अनपरा। ऊर्जांचल में भगवान विष्णु की पूजा का पर्व प्रबोधिनी एकादशी पारंपरिक तरीके से मनाया गया। अनपरा, रेनूसागर, ककरी, बीना, शक्तिनगर, खड़िया, जयंत आदि स्थानों पर इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की गई। दूध, दही, गंगाजल से स्नान और पीला वस्त्र अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मंगल की कामना की। नई फसल के रूप में गन्ने का प्रसाद चढ़ाया गया।
विज्ञापन

सुबह से भगवान विष्णु की पूजा के लिए मंदिरों में भीड़ रही, वहीं घरों में भी पूजा अर्चना की गई। बीना स्थित श्रीराम जानकी एवं राधा-कृष्ण मंदिर पर मंदिर के मुख्य पुजारी आर माधवन नायर स्वामी ने भगवान की सोमवार को विशेष पूजा की। पं. कृष्णमुरारी पांडेय ने बताया कि शास्त्रों की मान्यता के मुताबिक हरिशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु शयन निद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को वह जागते हैं। इसलिए इसे देवोत्थानी एकादशी के नाम से जाना जाता है। भगवान विष्णु के जगने पर गंगाजल, दूध आदि से स्नान कर पूजा की जाती है। लोग देवोत्थानी एकादशी का व्रत रखकर तथा तीर्थों आदि में जाकर भी पूजापाठ करते हैं। इस मौके पर गन्ने की पूजा का भी प्रचलन है। नई फसल के रूप में गन्ना भगवान विष्णु को अर्पित कर अच्छी उपज की भी कामना की जाती है। इस पर्व के साथ ही शादी विवाह, आदि मांगलिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत होने की मान्यता है, लेकिन इस बार शुक्र अस्त होने के कारण शादी-विवाद आदि के कार्य 27 नवंबर से संपन्न होने शुरू होंगे। शक्तिनगर संवाददाता के अनुसार, भगवान विष्णु की सोमवार शाम विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें