अनपरा। बढ़ती ऊर्जा की जरूरत के हिसाब से कोयले की बढ़ती खपत को देखते हुए एनसीएल अपने कोल हैंडलिंग प्लांटों (सीएचपी) की क्षमता वृद्धि की कवायद में जुट गया है। निर्माणाधीन सीएचपी की क्षमता जहां सौ मिलियन टन रखी जाएगी। वहीं पुरानी सीएचपी को इसी हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजायन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) की ओर से इसे लेकर रिपोर्ट एनसीएल को सौंप दी गई है। एनसीएल की ओर से भी प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है।
बताते चले कि जयंत और कृष्णशिला में नई सीएचसी का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें जहां जयंत में सीएचपी की क्षमता सौ एमटी निर्धारित कर दी गई है। वहीं, कृष्णशिला की सीएचपी को इसी हिसाब से अपग्रेड करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके अलावा, बीना ककरी, निगाही, दुद्धीचुआ, अमलोरी, निगाही, गोरबी आदि परियोजनाओं में भी स्थित सीएचपी की क्षमता वृद्धि को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसे लेकर काफी कुछ औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। माना जा रहा है कि नए साल से इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
बताते चले कि इससे जहां सीएचपी एक समय में ज्यादा कोयला कोयला लोड कर सकेगी। वहीं, भविष्य में बढ़ने वाली ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए कोयला आपूर्ति में भी आसानी से इजाफा किया जा सकेगा। उधर, सीएमडी तापस कुमार नाग भी इसकी पुष्टि करते हैं। कहते हैं कि सीएचपी की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है।