सोनभद्र। अफसरों के आशियाने के पास दिनदहाड़े प्रधानाचार्य की हत्या को लेकर आम लोगों के साथ ही राजनीतिक दलों में भी गुस्सा दिखा। जिले में लचर हो चुकी कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में लोग सड़क पर उतर पड़े। सपा के साथ शिक्षक नेताओं के साथ डॉक्टर सुरेश यादव के समर्थक पुलिस विरोधी नारे लगाने लगे। और सपा जिलाध्यक्ष विजय यादव, रामनिहोर यादव, संजय यादव के अलावा अन्य लोगों ने जिला अस्पताल के बाहर वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। सुबह नौ बजे भारी संख्या में लोग सड़क पर उतर पड़े। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे।
प्रधानाचार्य को गोली लगने की सूचना पूरे जिले में जंगल में आग की तरह फैल गई। घटना की जानकारी होते ही शिक्षक, विभिन्न दलों के नेता समेत अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे। यहां लोगों को पता चला कि शव जिला अस्पताल पहुंच गया है तो लोग वहां पहुंच गए। अस्पताल गेट के बाहर राजमार्ग जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पीएसी के साथ एएसपी, एसडीएम यमुना चौहान, सीओ अभिषेक सिंह पहुंचे मगर लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। लोगों का कहना था कि बेखौफ होकर बदमाशों ने शिक्षक नेता की हत्या कर दी यह कानून को चुुनौती देने से कम नहीं है। लेकिन अभी तक पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ सकी। मामला गंभीर होता देख एएसपी ने एडीएम को मामले से अवगत कराया। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने भी पहुंच गए। उन्होंने जाम करने वालों को हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देने के साथ ही एमएलसी चेतनारायण से से वार्ता कर जाम को समाप्त कराया। करीब एक घंटे जाम रहने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई थीं।
दो गोली फंसी, तीन चीरते हुए निकली बाहर
सोनभद्र। जिला अस्पताल में डॉ. प्रवेश सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. के कुमार की टीम ने पोस्टमार्टम किया। बदमाशों ने डॉ. सुरेश यादव को पांच गोली मारी है। तीन गोली शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गई जबकि दो गोली शरीर में फंसी रही। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने किस असलहे से गोली मारी थी, इसका स्पष्ट पता नहीं चल सका है। संभावना जताई जा रही है कि नाइन एमएम के पिस्टल से गोली मारी गई है। बदमाशों ने दो असलहे लिए थे, भागने के दौरान एक असलहा और कारतूस गिर पड़ा।