सोनभद्र। मुर्धवा, बिल्ली-मारकुंडी पेयजल परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं के निर्माण में बड़े गोलमाल का मामला सामने आया है। राज्यसभा सदस्य और विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। वहीं प्रमुख सचिव, डीएम सहित अन्य से की गई शिकायत में डीडीओ को मामले की जांच सौंपी गई है। इससे पूर्व मुर्धवा पेयजल योजना के निरीक्षण में विभागीय एई द्वारा गड़बड़ी की बात कही जा चुकी है।
प्रमुख सचिव, डीएम सहित अन्य को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि मुर्धवा ग्राम पेयजल समूह पेयजल योजना पर 50 लाख से अधिक का गलत भुगतान कोटेशन एवं अन्य माध्यम से ले लिया गया है। अनुबंध में प्रदर्शित दर से ज्यादा दर तथा सामग्री ढुलाई के नाम पर गलत भुगतान लिया गया है। इसी तरह बिल्ली-मारकुंडी ग्राम पेयजल समूह पेयजल योजना और ओबरा नगर पंचायत पेयजल योजना में कैंपस डेवलपमेंट के नाम पर भी गलत तरीके से बड़ी रकम भुगतान लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि यहां पाइपलाइन बिछाने के कार्य में छोटे-छोटे अनुबंध दिखाकर पूर्व में निर्धारित दर से अधिक दर पर भुगतान किया गया है। फिल्टर प्लांट, हापर प्लांट के कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया गया है। मुर्धवा में एक जेई के रिश्तेदार के नाम पर रजिस्टर्ड फर्म के नाम पर भुगतान, बिल्ली-मारकुंडी परियोजना में 250-350 एमएम की पाइपों की लोकल स्तर पर क्रय दिखाकर भुगतान जैसे कई आरोप लगाए गए हैं। उधर, ओबरा विधायक संजीव कुमार गोंड़ ने सीएम को भेजे पत्र में कहा है कि मुर्धवा में बगैर टेंडर प्रक्रिया कराए ही फर्जी भुगतान किया गया है। बिल्ली-मारकुंडी पेयजल योजना मे भी काफी वित्तीय अनियमितता की गई है। वहीं सांसद रामशकल ने सीएम को भेजे पत्र में पडऱछ पेयजल परियोजना में करोड़ों रुपये का कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया कराए ही कराए जाने का आरोप लगाया गया है। इससे पूर्व 18 अक्तूबर 2016 के पत्र में तत्कालीन एई आशीष कुमार सिंह ने मुर्धवा में बगैर स्वीकृति कई कार्य कराए जाने की रिपोर्ट दिया था। उधर, डीडीओ रामबाबू तिवारी का कहना है कि पडऱछ के शिकायत का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है। जल्द ही मुर्धवा सहित अन्य पेयजल परियोजनाओं के भी शिकायत की जांच कर वस्तुस्थिति से डीएम को अवगत कराया जाएगा।