सोनभद्र। जिले में पेयजल की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब ग्राम प्रधानों को टैंकर खरीदने का अधिकार दे दिया है। खरीदे गए टैंकर से जहां पानी की समस्या हो वहां पानी उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना न पड़े।
सोनांचल में भीषण गर्मी के चलते हैंडपंपों और कूपों का जलस्तर तेजी से नीचे खिसकने लगा है। जिले की इकलौती नगर पालिका राबर्ट्सगंज के ब्रम्हगनर, अंबेडकर नगर, विकास नगर, नई बस्ती, घुवास मोहाल और नगर से सटे उरमौरा, बढ़ौली, कम्हारी, पकरी, घुवास समेत अन्य गांवों पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। नगर पंचायत चुर्क, ओबरा, घोरावल, पिपरी, रेणुकूट और दुद्धी के अधिकांश इलाकों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। जंगली और पहाड़ी इलाकों में गिने-चुने हैंडपंप ही पानी दे रहे है। चेरूई, महुली, कनछ, कन्हौरा, पोखरिया, सूअरसोत, जुगैल, गोठानी, घोरिया, चननी समेत अन्य गांवों के भी अधिकांश हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों के रहवासी चुआड़, नदी, नाले का दूषित पानी का सेवन करने को मजबूर हो गए हैं। चिलचिलाती धूप में ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने कहा कि जिन गांवों में पेयजल की समस्या है वहां के प्रधान और सेके्रटरी को 14वें वित्त से टैंकर क्रय कर पेयजलापूर्ति कराने का निर्देश दिया गया है। जल निगम से भी संपर्क कर जहां पर पानी की जरूरत है वहां पर टैंकरों से पेयजलपूर्ति कराई जा रही है।