सोनभद्र। नगवां ब्लॉक के ढोसरा ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से प्रधान के ही घर के तीन सदस्यों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया। जब परियोजना निदेशक डॉ. एनएन मिश्रा ने इसकी जांच की तो मामला खुलकर सामने आया। ग्राम पंचायत में किश्त जारी होने के बावजूद कई आवास अधूूरे पड़े हैं। पीडी की रिपोर्ट पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने यहां तैनात सेक्रेटरी कमलनाथ मौर्य को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच की जिम्मेदारी बीडीओ घोरावल प्रदीप कुमार पांडेय को दी गई है और उनसे 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
परियोजना निदेशक डॉ. एनएन मिश्रा ने ढोसरा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के निर्माण की जांच पहली बार नवंबर माह में की थी। तब यहां उन्होंने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच में उन्होंने पाया था कि ग्राम प्रधान रामबली और सेक्रेटरी कमलनाथ मौर्य ने मिलीभगत कर ग्राम प्रधान की पत्नी सविता देवी, भाई बिंदू और पिता चैतू के नाम आवास आवंटित करा लिया है। जबकि प्रधान के पास बाइक और ट्रैक्टर है, जो अपात्रता की श्रेणी में आते हैं। फिर भी आवास आवंटित किया गया। दूसरी बार फिर पीडी ने 18 अप्रैल को यहां जांच की। जांच में वही गड़बड़ी सामने आई। पता चला कि पहली और दूसरी किश्त जारी होने के बावजूद तमाम लाभार्थियों ने आवास का निर्माण नहीं कराया। इस पर पीडी ने सेक्रेटरी के निलंबन, अपव्यय की गई शासकीय धनराशि की वसूली की सिफारिश की थी। पीडी ने जांच रिपोर्ट डीएम को भी सौंपा था। पीडी की रिपोर्ट पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने सेक्रेटरी कमलनाथ मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीडीओ ने निलंबन पत्र में लिखा है कि सेक्रेटरी को अपने दायित्वों का ठीक ढंग से निर्वहन न करने और शासकीय धन का अपव्यय करने के आरोप में भी निलंबित किया गया है।