पिछड़े गांव को चरणबद्ध तरीके से विकास से जोडऩे की कवायद को प्रधान एवं सेक्रेटरी ठेंगा दिखा रहे हैं। ग्राम स्वराज्य योजना के तहत चोपन ब्लाक के मिटिहिनिया गांव में प्रधान सेके्टरी के नदारद रहने से चौपा4 को स्थगित करना पड़ा।
ग्राम स्वराज्य योजना के तहत केंद्र सरकार ने पिछड़े गांवों में 15 अप्रैल से पांच मई तक चौपाल लगाने का निर्देश दिया है। जिसके तहत भाजपा के नामित जनप्रतिनिधि के साथ ही विकास कार्यों से जुड़े अधिकारियों को रात गांव में निवास कर वहां की समस्या सुननी है। इसी के तहत मिठिहिनिया गांव मेें 20 अप्रैल को रात्रि प्रवास व जनचौपाल का कार्यक्रम जिलापंचायत सदस्य कोटा सुभाष पाल के नेतृत्व में होना था लेकिन नोडल अधिकारी शुभम सिंह व ग्राम प्रधान अशोक कुमार ग्राम पंचायत में प्रचार प्रसार नहीं कराए और न ही उस दिन मौके पर उपस्थित हुए। जिससे जिला पंचायत सदस्य को प्रवास व जनचौपाल के कार्यक्रम को स्थगित कर बीते रविवार करना पड़ा।
हैरत की बात तो यह है कि प्रधान व सेक्रेटरी इस दिन भी चौपाल में शामिल नहीं हुए। जिलापंचायत सदस्य ने इसकी सूचना जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी पंचायत को दे दी है। इस दौरान जनचौपाल में ग्रामीणों ने अवगत कराते हुए बताया कि ग्राम विकास अधिकारी व प्रधान गांव के विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे और गर्मी में खराब हैंडपंपों की भी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता, मंडल अध्यक्ष शंशाक शेखर मिश्रा, तेजवंत पांडे, अनिल कुमार, आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।