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नगर पालिका चेयरमैन पद पर होगी कांटे की टक्कर

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सोनभद्र। नगर पालिका राबर्ट्सगंज में चेयरमैैन पद को लेकर कांटे की टक्कर होने की संभावना है। सपा, भाजपा, कांग्रेस के साथ निर्दल भी अपनी जीत के लिए राजनीतिक बिसात बिछा रहे हैं। मैैदान में उतरा हर प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। अब तक बसपा ने किसी को प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। उधर सभासद पद के प्रत्याशी भी अपनी साख बनाने के लिए घर-घर पर दस्तक दे रहे हैैं।
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राबर्ट्सगंज नगर पालिका परिषद में चेयरमैन के पद पर पूर्व में राजनीतिक दलों के साथ ही निर्दल भी अपनी जीत का परचम लहरा चुके हैं। लंबे समय तक यहां प्रशासक भी तैनात रहे हैं। सपा, भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं। रविवार को कांग्रेस के प्रत्याशी ने भी नामांकन कर दिया। हालांकि नामांकन के पूर्व से ही तमाम संभावित दावेदार मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने का प्रयास करना शुरू कर दिये थे। निर्दल प्रत्याशी भी जोर आजमाइश कर रहे हैं। इस चुनाव में धन बल कितना प्रभावी होगा यह तो समय बताएगा लेकिन नगर में यह चर्चा हैै कि इस बार मिलनसार छवि वाला ही जनता का समर्थन हासिल कर सकेगा। पिछले चुनावों पर गौर करें तो 27 मार्च 1979 में राबर्ट्सगंज नगर पालिका बनी। वर्ष 1988 में चेयरमैन पद का चुुनाव हुआ। इसमें जितेंद्र सिंह निर्दल ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 1995 में हुए चुनाव में अजय शेखर निर्दल चुनाव जीते। फिर वर्ष 2000 में हुए चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी और पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह की पत्नी निशा सिंह ने बाजी मारी। जबकि वर्ष 2006 में हुए चुनाव में सपा के विजय जैन ने जीत दर्ज कराई थी। फिर जब वर्ष 2012 में चुनाव हुआ तो सत्ता विरोधी लहर में भाजपा के प्रत्याशी कृष्ण मुरारी गुप्ता जीते थे। अब इस बार के चुनाव में भी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं। सपा से हिदायत उल्ला खां, भाजपा से वीरेंद्र जायसवाल, कांग्रेस से जगदीश मिश्रा के साथ ही कई अन्य निर्दल भी चुनाव मैदान में हैं। सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है।
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