सोनभद्र। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 22470 ऐसे लोगों का चयन किया गया है। जिनका मकान या तो कच्चा या मड़ई है। ऐसे लोगों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास दिया गया है। लेकिन संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की लापरवाही से दूसरी किस्त न मिलने से आवास अंधूरे पड़े है। डीएम पीेके उपाध्याय ने पीडी से आवास की दूसरी किश्त लाभार्थियों के खाते में न भेजने वालों के बारे में रिपोर्ट तलब की है।
गौरतलब हो कि वर्ष 2016-17 में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12486 लाभार्थियों का चयन किया गया है। आवासों को बनवने के लिए सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। लेकिन अभी तक करीब 11548 लाभार्थियों को पहली किश्त ही जारी किया गया है। प्रत्येक लाभार्थी को पहली किश्त के रूप मेें 44 हजार रुपये दिया गया है। वहीं वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास के लिए 9984 लाभार्थियों का चयन किया जाना है, लेकिन अभी तक 6115 लाभार्थियों का चयन करते हुए 342 लाभार्थियों केे खाते में पहली किश्त भेजा गया है। दूसरी किश्त के लिए अधिकांश लाभार्थी अपने-अपने सेक्रेटरियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से डिमांड भी कर चुके है। लेकिन गिने-चुने को छोड़ अन्य को धन नहीं मिला है। धन के अभाव मेें आवास का कार्य अंधूरा पड़ा है। प्रत्येक लाभार्थी को आवास बनाने के लिए एक लाख 30 हजार रुपये उसके खाते में दिया जाना है। पहली किश्त 44 हजार, दूसरी किश्त 76 हजार और तीसरी दस हजार रुपये मिलता है। जबकि पीडी एनएन मिश्रा कई बार सभी बीडीओ को पहली किश्त के धन से आवास का कार्य करा चुके लाभार्थियों को दूसरी किश्त जारी करने के लिए कह चुके है। डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि पीडी से लाभार्थियों केा दूसरी किश्त जारी करने में लापरवाही बरतने वालों की सूची मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।