शक्तिनगर (सोनभद्र)। एनसीएल दुद्धीचुआ और निगाही कोयला खदानों से तीन ट्रकों से निकले करीब 118 टन कोयले में से 82 टन कोयला मप्र पुलिस ने बरामद किया है। दो ट्रकों के साथ दोनों के चालकों को भी गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि फर्जी नंबर प्लेट व जाली दस्तावेज के जरिए कोयला चोरी की ऊर्जांचल में करीब 20 घटनाएं हो चुकी हैं।
वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर एवं ट्रकों का आरसी, मालिक का पैन कार्ड, ड्राइवर का लाइसेंस आदि फर्जी तैयार कर कोयला लोड किया जाता था। कोयला निर्धारित गंतव्य तक न पहुंच ईंट भट्टों और कोल यार्डों में बेच दिया जाता था। ट्रांसपोर्टरों से लाखों रुपये एडवांस के साथ उनका लाखों का कोयला भी पार कर दिया जाता था। पीड़ितों की रिपोर्ट पर मोरवा पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो कोयला चोरी का बड़ा मामला उजागर हुआ। इस तरह एनसीएल की विभिन्न कोयला खदानों से अब तक एक हजार टन कोयला चोरी हो चुका है। हालिया मामले में चंद्रमौली मिश्रा ने मोरवा थाने में केस दर्ज कराया था। बताया था कि राजस्थान नंबर वाले ट्रक में राहुल नामक व्यक्ति ने फोन कर दुद्धीचुआ खदान से मुजफ्फरनगर स्थित सिद्धेश्वरी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के लिए कोयला लोड कराया था। दोनों ट्रक में कुल दो लाख 52 हजार का कोयला लोड कर मुजफ्फरपुर के लिए रवाना किया गया, परंतु कोयला वहां पहुंचा ही नहीं। इसी तरह पूनम चंद मालवीय ने भी छत्तीसगढ़ के नंबर की ट्रक पर निगाही खदान से बुधनी के लिए भेजे गए कोयले के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सिंगरौली के एएसपी शिव कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में पकड़े गए ट्रक चालक गुरतेज (30) और कमलदीप (28) पंजाब के रहने वाले हैं। इन्होंने पूछताछ में बताया कि इस प्रकार कुल नौ वाहनों के कोयले ईंट भट्ठों में अब तक बेच चुके हैं। वह फर्जी दस्तावेज एवं फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर ट्रांसपोर्टरों को चूना लगाते रहे हैं। पुलिस के अनुसार दोनों ही मामलों में असली वाहन का नंबर प्लेट बदल गया था।