सोनभद्र। जिले में सोमवार को जगह-जगह सज-धजकर भगवान भोलेनाथ की अलबेली बरात निकाली गई। औघड़दानी के साथ ही देवी-देवताओं की झांकी लोगों को भक्ति में डुबोए रही। शिव तांडव, भारत मां की झांकी के साथ लहराता तिरंगा और बारातियों का अजब-गजब स्वरूप आकर्षण का केंद्र बना रहा।
राबर्टसगंज में रंगीला कांवर संघ की तरफ से भगवान भोलेनाथ की बरात निकाली गई। बरात गुरुद्वारे से होते हुए रेलवे क्रॉसिंग, शीतला मंदिर चौक होते हुए बरैला मंदिर पहुंची। इस दौरान रथ पर विराजमान हनुमान, शेषनाथ पर भगवान विष्णु, कमल के फूल पर ब्रह्मा, नारद, कृष्ण-अर्जुन, कौवे पर विराजमान शनिदेव, इंद्रदेव, परशुराम आदि की मनमोहक झांकियां निकाली गईं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रसाद का वितरण किया। बारातियों के स्वागत के लिए भी जगह-जगह इंतजाम किए गए थे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, कांवर संघ संरक्षक विनय प्रताप सिंह, मिठाईलाल सोनी, अध्यक्ष संतोष कुमार सोनी, उपाध्यक्ष महेश सोनी, महामंत्री श्यामबाबू सोनी, गोलू सोनी, अजय सिंह, दिनेश सोनी, विवेक सोनी, विष्णु सोनी आदि मौजूद रहे।
दुद्धी: कस्बे के शिवाला मंदिर परिसर से ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ शाम बजे बारात निकाली गई। नंदी पर दूल्हे के रूप में भगवान शिव का आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं को बांधे रहा। रथ पर सवार ब्रह्मा, विष्णु की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। देवता, भूत, बेताल, सांप, बिच्छू, घोड़ा, बैल, चिता, शेर आदि की वेशभूषा में सजे बाराती रास्ते पर भक्ति गीतों पर थिरकते रहे। डीजे और जयकारे से पूरा नगर गूंजता रहा। साढ़े छह बजे बरात कैलाश कुंज द्वार मंदिर परिसर पहुंची, जहां जमकर आतिशबाजी की गई। इसके बाद जलपान कराकर बारात का स्वागत किया गया। वर पक्ष से भोला आढ़ती, चंद्रिका प्रसाद, राजेश्वर प्रसाद, पंकज अग्रहरि, नज्जू, डॉ. विनय दीपक और कन्या पक्ष से डॉ. लवकुश प्रजापति, तारादेवी, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. सुनैना प्रजापति, डॉ. जयवर्धन, डॉ. प्रीती प्रजापति, प्रधान रामफल, कुलभूषण पांडेय आदि बरात और शिव विवाह में शामिल हुए। कन्या के पक्ष की तरफ से द्वार छेकाई की रश्म निभाई गई। पं. महेंद्र मिश्रा ने विधि-विधा से मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह करवाया। इसके बाद बारातियों को भोजन कराया गया। कैलाश कुंज द्वार मंदिर परिसर में तरह-तरह की दुकानें लगी रहीं। चाट-समोसे, फल-फूल, खिलौने की दुकानों पर भीड़ लगी रही। बारात के अलावा नगर और आसपास के लोग शिव विवाह के मनोहारी दृश्य को देखने के लिए पहुंचे। सुरक्षा के दृष्टिगत यहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगहबानी बनी रही।