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जिले के 62 सहकारी समितियों से यूरिया नदारद

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सोनभद्र। इस समय धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। लेकिन जिले में स्थित 62 साधन सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। विवश होकर किसानों को बाजार से महंगे दर पर यूरिया क्रय करना पड़ रहा है। संबंधित अधिकारियों द्वारा यूरिया की किल्लत से किसानों को निजात दिलाने की दिशा में पहल नहीं हो रही है।
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जिले में 60 साधन सहकारी समितियां हैं। इसमें क्रय विक्रय समिति की दो, जिला सहकारी फेडरेशन की एक समिति शामिल हैं। समितियों से करीब एक लाख किसान जुड़े हैं। समितियों पर सक्रिय सदस्यों की संख्या लगभग 39 हजार है। वर्तमान में क्रय विक्रय राबर्ट्र्सगंज, बहुअरा, बहुआर, गया रतवल, बट बंतरा, केकराही, करमा, वैनी, शिवपुर, रामगढ़ समेत अन्य समितियों पर यूरिया नहीं है। जबकि वर्तमान में धान में यूरिया की जरूरत है। समितियों पर यूरिया न मिलने से किसान परेशान हैं। इसका फायदा उठाते हुए अधिकांश दुकानदार साढ़े तीन सौ से चार तक 45 किलो यूरिया की बोरी बेच रहे हैं। जबकि सरकारी दर पर प्रति बोरी 299 रुपये में मिलती है। पिछले दिनों कुछ किसानों ने जिला प्रशासन से दुकानदारों द्वारा महंगे दर पर उर्वरक बेचने की शिकायत की थी। बावजूद इसके अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर काओपरेटिव के एआरओ टीएन सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 में जिले को 9521 एमटी यूरिया का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 9752 एमटी यूरिया किसानों को वितरित की जा चुका है। हालांकि अभी दो हजार एमटी यूरिया की आवश्यकता है, जिसकी डिमांड की गई है। उन्होंने बताया कि मिर्जापुर में यूरिया की एक रैक आ चुकी है। 20-25 समितियों पर बुधवार की सुबह तक यूरिया पहुंच जाएगी और किसानों को वितरित भी होने लगेगी।
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इनसेट
समितियों का चक्कर लगा रहे किसान
दुद्धी। पिछले कई दिनों से दुद्धी तहसील क्षेत्र के सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है। बावजूद इसके प्रतिदिन किसान इस आस में समितियों का चक्कर लगा रहे हैं कि शायद उर्वरक आ गई हो। उर्वरक न मिलने से किसान परेशान है। इस वर्ष विलंब से बारिश होने के कारण अधिकांश किसानों ने देर से धान की रोपाई कराया है। इन दिनों में किसानों को धान में यूरिया डालना है, लेकिन उनको मिल नहीं रही है। किसान जगत, विश्वनाथ, भागवत, मुंशी, त्रिवेणी, गुलाब आदि किसानों ने कहा कि यूरिया न डालने से धान की फसल खराब हो रही है। पैदावार घट जाएगी। उन्होंने अपनी समस्या की ओर डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अविलंब यूरिया की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
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