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यात्रियों के जेब पर पड़ा महंगाई का बोझ

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सोनभद्र। पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ने से निजी परिवहन सेवा महंगी हो गई है। लोकल रूटों के साथ ही लंबी दूरी तक चलने वाले वाहनों के संचालकों ने भी किराया बढ़ा दिया है। ऑटो और बसों पर लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। महज मुख्यालय परिक्षेत्र में दस से बीस रुपये किराए बढ़ा दिए गए हैं। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढने की आड़ में कुछ इलाकों में निजी वाहन संचालकों नेकिराए में मनमानी बढ़ोततरी भी कर दी है। इससे यात्रियों और चालकों में जब-तब नोंकझोंक की स्थिति बनती जा रही है।
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व्यवसायी आशीष केशरी और अमित कुमार गुप्ता का कहना था कि उन्हें व्यवसाय के सिलसिले में रोजाना किसी न किसी शहर में जाना होता है। पेट्रोल और डीजल का दाम बढने से उन्हें अब यहीं सफर दस से 15 प्रतिशत अधिक किराया देकर करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा किराए की वृद्धि निजी वाहनों में हुई है। लंबी दूरी के वाहनों में जहां बीस से तीस रुपये तक वृद्धि हो गई है। वहीं लोकल रूट पर चलने वाले टेंपो संचालकों ने भी दस से 15 रुपये किराया बढ़ा दिया है।
राबट्र्सगंज निवासी संगीता और सुधा ने भी पेट्रो पदार्थों के मूल्य वृद्धि के चलते किराए में बढ़ोत्तरी का रोना रोया। कहा कि अक्सर उन्हेें घरेलू सामानों की खरीदारी के लिए बाहर निकलना पड़ता है। पहले जिस जगह का किराया दस से बीस रुपये थे। अब पेट्रोल-डीजल की कीमत बढने का हवाला देकर उसी जगह का पचीस से पैंतीस रुपये वसूला जा रहा है। एतराज पर बीच रास्ते उतारने की धमकी दी जाने लगती है। इसी तरह मालवाहक वाहनों और ट्रवेल्स के वाहनों के किराए में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिलने लगी है।
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