सोनभद्र। बीते दिनों जिला अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने से खफा स्वास्थ्य कर्मी बुधवार को हड़ताल पर चले गए। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बंद कर दी गई। सुबह आठ बजे से लेकर दस बजे तक हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई। अस्पताल में ओपीडी पर्ची काउंटर और डॉक्टरों के केबिन बाहर लंबी लाइन लग गई। एसडीएम शादाब असलम और सीओ विवेकानंद तिवारी के पहुंचने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद दस बजे से डॉक्टर काम पर लौटे। इस दौरान इमरजेंसी में कोई भी गंभीर मरीज नहीं पहुंचा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह आठ बजे से अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वास्थ्य कर्मी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए। डॉ राघवेंद्र सिंह, डॉ. सुरेश वर्मा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुलिस प्रशासन अस्पताल में 24 घंटे सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करें। डॉ. दयाशंकर सिंह, डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि अस्पताल में अक्सर कुछ लोग स्वास्थ्य कर्मियों के साथ विवाद करते हैं। मना करने पर मारपीट पर अमादा हो जाते हैं। डॉ. प्रमोद प्रजापति, डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि 16 जून को अस्पताल में डॉक्टर व फार्मासिस्ट से मारपीट करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस शांत हो गई है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। डॉ. गणेश प्रसाद, डॉ. एबी सिंह, डॉ संदीप और गोविंद यादव ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सप्ताह भर दो घंटे कामकाज ठप करेंगे। बावजूद इसके गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूर्ण रूप से काम बंद कर दिया जाएगा। परशुराम पांडेय, अजय सिंह, संतोष सिंह, जेबालर, आरडी कौशल और सरिता मौर्या ने कहा कि अस्पताल परिसर मेें पुलिस चौकी की स्थापना की जाए। सीओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को अविलंब आरोपियों को गिरफ्तार कराने के साथ ही अस्पताल में पुलिस चौकी की स्थापना कराने के लिए एसपी को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन देकर कामकाज शुरू कराया। सीओ ने सीएमएस डॉ. पीबी गौतम से पुलिस चौकी के लिए कमरा उपलब्ध कराने के संबंध वार्ता भी की। इस दौरान अमरावती, संजीरा सिंह, कुसुम सिंह, किरन, आभा, धर्मवाती, मनोरमा, जगनारायण, उर्मिला, कृष्ण मुरारी पांडेय, मिथिलेश यादव, सत्येंद्र, श्यामसुंदर, उमेश चौबे, अवधेश आदि मौजूद रहे। े