शक्तिनगर (सोनभद्र)। मंगलवार को हाइवे से अलग आंतरिक मार्ग से कोयले की ढुलाई शुरू होने से इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह अलग बात है कि अभी यह व्यवस्था एनसीएल खडिय़ा खदान से खडिय़ा बाजार के बीच (करीब तीन किमी) बहाल की गई है। पावर व कोल प्रबंधन के अधिकारियों का दावा है कि जून अंत तक खडिय़ा से अनपरा तक सड़क के जरिए हो रहे कोल परिवहन को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
बताते चले कि खडिय़ा क्षेत्र ने अनपरा इलाके में स्थित लैंको पावर प्रोजेक्ट के लिए बड़े ट्रक टेलरों के जरिए कोल परिवहन हो रहा था। इसके चलते पैदा भारी भरकम प्रदूषण से बस स्टैंड बाजार, पीडब्ल्यूडी मोड़, चिल्काटांड बाजार, राजकिशन, खडिय़ा बाजार के लोगों का जीना मुहाल हो गया था। यही नहीं आए दिन हो रहे सड़क हादसों से कई घरों के चिराग भी बुझ गए। प्रदूषण व सड़क हादसों की गूंज राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) तक पहुंची लेकिन जिम्मेदार सोते रहे। इसके बाद क्षेत्रीय लोगों ने नागरिक मंच के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन पर मिले कई आश्वासनों पर अमल नहीं होने से रोष बढ़ता गया। इसके बाद लैंको पावर व कोल प्रबंधन ने 22 अप्रैल तक सड़क से हो रही कोयला ढुलाई बंद करने का आश्वासन दिया लेकिन इस पर भी अमल नहीं हुआ तो 23 अप्रैल को नागरिक मंच से जुड़े लोग फिर से सड़क पर उतर गए। इसके बाद जिम्मेदारों ने सप्ताह भर की मोहलत मांगी और आश्वस्त किया कि माह के अंत तक खडिय़ा खदान से खडिय़ा बाजार के बीच आंतरिक मार्ग से कोल परिवहन शुरू करा दिया जाएगा। सोमवार को बतौर प्रयोग नए मार्ग से डंपरों को गुजारा गया और मंगलवार से आंतणरिक मार्ग से परिवहन शुरू करा दिया गया। आम रास्ते से अलग कोल परिवहन शुरू होने पर नागरिक मंच से जुड़े पन्नालाल, केसी शर्मा, नंदलाल, धर्मेद्र केडिया आदि ने अफसरों को आभार जताया और जनहित के मसले पर क्षेत्रीयजनों के सहयोग के लिए बधाई दी।