सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण प्रतिभाओं की समस्या को समझते हुए प्रत्येक राजस्व ग्राम में आरक्षित खेल के मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उसे खेलने योग्य बनाने को कहा है। जहां खेल मैदान आरक्षित नहीं हैं, वहां इसकी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डीएम से शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम ने तीनों एसडीएम को सप्ताह के भीतर इसे चिह्नित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जनपद के 637 ग्राम पंचायतों में 1441 राजस्व गांव है। ज्यादातर गांवों में खेल मैदान के लिए भूमि आरक्षित है, लेकिन दंबगों नेे अधिकांश खेल मैदान की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। योगी सरकार के निर्देेश पर एंटी भू-माफिया टीम सरकारी भूमि और दूसरे की काश्त की भूमि पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने के लिए बनाई गई, लेकिन अभी तक खेल मैदान अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम को राजस्व गांवों में आरक्षित खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए खेलने योग्य बनाने को निर्देशित किया है। जिन गांवों में खेल मैदान नहीं है, वहां खाली सरकारी भूमि को खेल मैदान के रूप मेें चिह्नित कर उसे खेलने के लायक बनाया जाएगा। ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिल सकेें। डीएम के निर्देश पर राबर्ट्ससगंज, घोरावल और दुद्धी के एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों को अविलंब खेल मैदान पर हुए अतिक्रमण व जिन गांवों में खेल मैदान नहीं है, वहां पर कहां खेल मैदान बनाया जा सकता है, इस संबंध में रिपोर्ट मांगा है। इसकी मानीटरिंग तहसीलदार और नायब तहसीलदार कर रहे हैं। जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार राजस्व गांवों में खेल मैदान को खेलने योग्य बनाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निर्धारित समयसीमा के भीतर शासन को खेल मैदान से जुड़े प्रस्ताव को भेज दिया जाएगा।