सोनभद्र। किसानों की समस्याओं के निराकरण और शिक्षा के राष्ट्रीयकरण की मांग को लेकर अपना दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। चेताया कि यदि मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया तो संगठन जनता के बीच जाकर केंद्र और प्रदेश सरकार की समाज विरोधी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। प्रदर्शन के बाद लोगों ने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
जिलाध्यक्ष ईं. सीडी सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को बजट के जरिए रोते हुए बच्चे की तरह झुनझुना पकड़ाने का काम किया है। सरकार को किसानों की परेशानियां और आत्म हत्याएं नहीं दिख रही हैं। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में और प्रदेश के चुनाव में अपने संकल्प पत्र में किसानों को खुशहाल बनाने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, उपज का समर्थन मूल्य दिलाने और किसानों के कर्जमाफी की बात कही थी, लेकिन हकीकत में भाजपा सरकार ने अब तक कोई वायदा पूरा नहीं किया। आलू किसान बदहाली में जी रहा है। गंगेश्वर पटेल ने कहा कि सरकार 2022 तक उपज को दोगुना करने की बात करती है। जब समर्थन मूल्य ही सरकार नहीं दिला पा रही है, तब उपज से क्या तात्पर्य है। डीजल और विद्युत के दाम बढ़ने से किसानों की कमर वैसे ही टूट चुकी है। धरना में विष्णु प्रसाद, शिव सिंह पटेल, सूर्य प्रकाश, कमलेश पटेल, सुनील सिंह, राजेश सिंह, परमेश्वर पटेल, राजनाथ पटेल, रामनारायण भारती, अखिलेश्वर, शांति भारती, मुन्नी देवी, निर्मला मिश्रा, नीलू पांडेय, गुलाबी अग्रहरि आदि मौजूद रहीं।